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Punjab.पंजाब: पंजाब के आठ जिलों में गेहूं की अत्यधिक आवक के कारण मंडियों और भंडारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने संबंधित एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखने और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। सूत्रों के अनुसार, फसल कटाई के मौसम में अचानक बड़ी मात्रा में गेहूं मंडियों में पहुंचने से परिवहन और भंडारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति और स्टोरेज की कमी की शिकायतें सामने आई हैं। FCI अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी खरीद केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि गेहूं की खरीद प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए।
इसके साथ ही गोदामों में जगह सुनिश्चित करने के लिए भी अतिरिक्त प्रबंध किए जा रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और खरीद प्रक्रिया बिना बाधा के पूरी हो।” पंजाब के जिन आठ जिलों में सबसे अधिक आवक दर्ज की गई है, वहां प्रशासन को अतिरिक्त कर्मचारी और संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि अनाज समय पर गोदामों तक पहुंच सके। किसानों का कहना है कि अच्छी फसल के बावजूद मंडियों में अव्यवस्था के कारण उन्हें कई बार इंतजार करना पड़ता है। एक किसान ने बताया, “हम अपनी फसल लेकर आते हैं, लेकिन कभी-कभी तौल और खरीद में देरी हो जाती है। अगर व्यवस्था बेहतर हो तो हमें राहत मिलेगी।”
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी आवक के दौरान यदि सही योजना और प्रबंधन नहीं किया गया तो भंडारण और खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि डिजिटल ट्रैकिंग और बेहतर लॉजिस्टिक सिस्टम से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। FCI ने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही मंडियों में फसल लेकर आएं, ताकि भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
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