पंजाब

लुधियाना सेंट्रल जेल में वसूली रैकेट का खुलासा, 6 बंदियों पर केस

nidhi
2 Oct 2026 9:36 AM IST
लुधियाना सेंट्रल जेल में वसूली रैकेट का खुलासा, 6 बंदियों पर केस
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दो बंदियों को पीटकर धमकाया
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना की ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल में रंगदारी वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जेल में बंद छह कैदियों ने दो अन्य बंदियों को अपने बैरक में बुलाकर पीटा और उनसे 2 लाख रुपये की मांग की। डर और दबाव में एक बंदी ने जेल के अंदर मौजूद मोबाइल फोन से बाहर अपने परिचित से संपर्क किया और रकम भिजवाई।
यह घटना 26 सितंबर की बताई जा रही है। शिकायत के मुताबिक बैरक नंबर चार में बंद आरोपियों ने बैरक नंबर छह में रह रहे रुपेश पुरी और नीरज आदिया को अपने पास बुलाया। आरोप है कि वहां दोनों के साथ मारपीट की गई और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर पैसे मांगे गए। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास जेल के अंदर एक की-पैड मोबाइल फोन मौजूद था। इसी फोन से नीरज को अपने एक दोस्त को कॉल करने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद करीब 2 लाख रुपये नकद आलमगीर रोड के पास आरोपी पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति को पहुंचाए गए।
मामले की जानकारी जेल प्रशासन को मिलने के बाद संबंधित बैरक की तलाशी ली गई। इस दौरान एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुआ। इसके बाद दोनों पीड़ित बंदियों के बयान दर्ज किए गए और जेल प्रशासन की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट रिशवपाल गोयल की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर सात में छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में हरसिमरन सिंह मंड, जगवीर सिंह, जतिंदर सिंह, अभय, सुखमन और गुरजीत सिंह शामिल बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जबरन वसूली से संबंधित धाराओं के साथ पंजाब प्रिजन्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा और बाहर रकम लेने वाला व्यक्ति कौन था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी दूसरे बंदियों से इसी तरह रंगदारी वसूल चुका है। आरोपियों के बाहरी संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।
जेल के अंदर मोबाइल फोन मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल बाहरी लोगों की पहचान होने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छह बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अदालत से उनके प्रोडक्शन वारंट लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि पूरे कथित वसूली नेटवर्क और जेल के बाहर मौजूद सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
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