पंजाब

घर-घर ड्रग सर्वे में बाधा, Jalandhar में तकनीकी खराबी का असर

Ratna Netam
7 May 2026 1:31 PM IST
घर-घर ड्रग सर्वे में बाधा, Jalandhar में तकनीकी खराबी का असर
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Jalandhar.जालंधर: शहर में चल रहे घर-घर जाकर ड्रग सर्वे में तकनीकी खराबियों के चलते काम धीमा पड़ गया है। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे के दौरान मोबाइल एप और डेटा रिकॉर्डिंग सिस्टम में बार-बार गड़बड़ियां आ रही हैं, जिससे टीमों को डेटा इकट्ठा करने में कठिनाई हो रही है। नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से यह ड्रग सर्वे पिछले कुछ हफ्तों से चल रहा है, जिसका उद्देश्य शहर में नशे की प्रवृत्ति और इसकी गंभीरता को समझना है। हालांकि, तकनीकी बाधाओं के कारण कई क्षेत्रों में सर्वे समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
सर्वे टीम के एक अधिकारी ने बताया, “हमारे मोबाइल एप में डेटा सेव नहीं हो पा रहा है। कई बार इंटरनेट कनेक्शन और एप की गड़बड़ी के कारण टीमों को दोबारा जानकारी दर्ज करनी पड़ रही है। इससे समय की भी काफी बर्बादी हो रही है और लक्ष्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।” स्थानीय नागरिकों ने भी इस समस्या की पुष्टि की और कहा कि सर्वे टीम बार-बार लौटकर जानकारी ले रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी मदद और बेहतर प्रशिक्षण से यह प्रक्रिया अधिक सुचारू और तेज़ बन सकती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि तकनीकी खराबियों को जल्द ठीक किया जाएगा और सर्वे में लगे सभी कर्मचारियों को आवश्यक सपोर्ट प्रदान किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले हफ्तों में सर्वे सुचारू रूप से पूरा हो जाएगा और परिणाम समय पर उपलब्ध होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सर्वे तकनीकी सहायता के बिना मुश्किल हैं। डिजिटल डेटा रिकॉर्डिंग और मोबाइल एप्स के माध्यम से सर्वे तेज और सटीक तरीके से किया जा सकता है, लेकिन तकनीकी समस्याओं की वजह से आंकड़ों में देरी या त्रुटि संभव है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सर्वे के लिए तकनीकी टीम और प्रशिक्षण में सुधार किया जाए।
नगर निगम ने भी नागरिकों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीमों को पूरा सहयोग देने और जानकारी सही ढंग से साझा करने से सर्वे की सफलता सुनिश्चित होगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सर्वे का उद्देश्य न केवल ड्रग्स के मामलों की पहचान करना है, बल्कि नशे की रोकथाम और प्रभावी योजनाओं के लिए डेटा जुटाना भी है।
इस तकनीकी बाधा के बावजूद, नगर निगम और प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सर्वे पूरी तरह से पूरा होगा। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तकनीकी खराबी के कारण जनता की सुरक्षा और डेटा की गोपनीयता पर कोई समझौता नहीं होगा।
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