पंजाब

Punjab के चिड़ियाघरों में नए जानवर, एशियाई शेर और बंगाल टाइगर

Payal
7 May 2026 12:38 PM IST
Punjab के चिड़ियाघरों में नए जानवर, एशियाई शेर और बंगाल टाइगर
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Punjab.पंजाब: पंजाब के चिड़ियाघरों और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत एशियाई शेर और बंगाल टाइगर मिल गए हैं। यह कदम राज्य में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने के लिए किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न प्रजातियों के जानवरों को सुरक्षित और संरक्षित वातावरण में लाना और उन्हें प्राकृतिक आवास के करीब रखना है। अधिकारियों के अनुसार, एशियाई शेर और बंगाल टाइगर दोनों ही दुर्लभ और संरक्षित प्रजातियां हैं, और उनके संरक्षण से राज्य के चिड़ियाघरों की शोभा बढ़ेगी।
पंजाब के वन मंत्री ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पंजाब के चिड़ियाघरों में अब एशियाई शेर और बंगाल टाइगर शामिल हो गए हैं। यह कदम न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि बच्चों और जनता को वन्यजीवों के महत्व और उनके संरक्षण के बारे में जागरूक करेगा।”
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एशियाई शेर और बंगाल टाइगर को विशेष रूप से तैयार किए गए एंक्लोजर में रखा गया है, जहां उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इन जानवरों के लिए पर्याप्त जगह, प्राकृतिक आवास जैसी सुविधाएं और नियमित देखभाल सुनिश्चित की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम न केवल जैव विविधता बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि यह जनजागरूकता और पर्यावरणीय शिक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। लोग, विशेषकर छात्र और पर्यटक, इन दुर्लभ प्रजातियों को नजदीक से देख सकते हैं और उनके जीवन और पर्यावरणीय महत्व को समझ सकते हैं।
चिड़ियाघरों के स्टाफ ने बताया कि शेर और टाइगर को राज्य में लाने से पहले उनकी सेहत और आदतों का अध्ययन किया गया। उन्हें परिवहन और नए आवास के लिए सुरक्षित तरीके से तैयार किया गया ताकि किसी भी तरह का तनाव या खतरा न हो। इसके साथ ही, अनुभवी प्रशिक्षक और पशु चिकित्सक उनकी देखभाल के लिए तैनात हैं।
वन्यजीव संरक्षण संस्थानों और एनजीओ ने इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसे प्रोग्राम वन्यजीवों के प्राकृतिक जीवन चक्र को संरक्षित करने और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का एक अहम प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का सहयोग और जागरूकता इस प्रयास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस कार्यक्रम से यह भी उम्मीद की जा रही है कि पंजाब के चिड़ियाघरों में आने वाले पर्यटक संख्या में वृद्धि होगी। बच्चों और युवाओं को शैक्षिक और प्रेरक अनुभव मिलेगा, जिससे वे वन्यजीव संरक्षण के प्रति और अधिक संवेदनशील बनेंगे।
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