
पटियाला। पंजाब के पटियाला जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटियाला सीआईए स्टाफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बर्खास्त पूर्व फौजी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि पकड़ा गया व्यक्ति कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए हथियारों की तस्करी करता था। आरोपी के खिलाफ पहले से हत्या, हत्या के प्रयास और जानलेवा हमले जैसे गंभीर मामलों में करीब दस आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को संगठित अपराध और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह गैंग तक हथियार कैसे पहुंचाता था और इस नेटवर्क में उसके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
जानकारी के अनुसार आरोपी पहले सेना में कार्यरत था, लेकिन बाद में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर गंभीर धाराओं में करीब दस मुकदमे दर्ज हैं।
पटियाला सीआईए स्टाफ को आरोपी की गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने निगरानी शुरू की और मौका मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
आरोप है कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों या उससे जुड़े लोगों तक हथियार पहुंचाने का काम करता था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार कहां से लाए जाते थे और उन्हें पंजाब या अन्य राज्यों में किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से उसके पुराने संपर्कों के बारे में भी पूछताछ शुरू की है। हत्या और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में पहले से नाम आने के कारण पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क की भी गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। यदि पूछताछ में अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
आरोपी के सेना से बर्खास्त होने की जानकारी भी पुलिस रिकॉर्ड में सामने आई है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि सेना में रहते हुए या सेवा से बाहर होने के बाद उसके संपर्क किन लोगों से बने और वह संगठित अपराध की दुनिया तक कैसे पहुंचा।
पुलिस की ओर से अभी तक आरोपी के पूरे नेटवर्क का विस्तृत खुलासा नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सीआईए स्टाफ की टीम यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किन-किन मामलों में पहले गिरफ्तार हो चुका है और वह कब से हथियार तस्करी के इस कथित नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
मामले में पुलिस के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि हथियारों की सप्लाई किस स्रोत से होती थी। यदि हथियार दूसरे राज्यों या सीमा पार किसी नेटवर्क से आते थे तो जांच का दायरा और बड़ा हो सकता है।
पुलिस आरोपी के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हथियारों की कथित तस्करी से जुड़ा पैसा किस माध्यम से आता-जाता था।
इसके अलावा मोबाइल फोन और डिजिटल चैट भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। गैंग से जुड़े लोगों के संपर्क, कॉल रिकॉर्ड और संदेशों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकती हैं।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। ऐसे में पुलिस इस गिरफ्तारी को गैंग के हथियार सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई के रूप में देख रही है।
पटियाला पुलिस पिछले कुछ समय से अवैध हथियारों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के दौरान सीआईए स्टाफ को इस आरोपी के बारे में जानकारी मिली थी।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड मांगा जा सकता है, ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके। पुलिस यह जानना चाहती है कि उसने अब तक कितने हथियार सप्लाई किए और वे किन मामलों में इस्तेमाल हुए।
जांच में उसके पुराने आपराधिक मुकदमों का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। हत्या, हत्या के प्रयास और जानलेवा हमले जैसे गंभीर मामलों में उसका नाम पहले से जुड़ा होने के कारण पुलिस उसे लंबे समय से सक्रिय अपराधी के रूप में देख रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी सीधे गैंग के प्रमुख सदस्यों के संपर्क में था या वह किसी मध्यस्थ के जरिए हथियारों की सप्लाई करता था।
यदि उसके पास से कोई हथियार, कारतूस या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है तो उसका फोरेंसिक परीक्षण भी कराया जा सकता है। इससे यह पता चल सकता है कि हथियारों का इस्तेमाल किसी पुराने आपराधिक मामले में हुआ था या नहीं।
मामले की जांच में पंजाब के बाहर के राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा सकता है, खासकर यदि आरोपी के संपर्क अन्य राज्यों में पाए जाते हैं।
पुलिस ने फिलहाल आरोपी की पहचान और उससे जुड़े कुछ विवरण सार्वजनिक किए हैं, लेकिन जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी साझा नहीं की गई है।
गिरफ्तारी के बाद जिले में आपराधिक तत्वों के बीच हलचल देखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सीआईए स्टाफ की इस कार्रवाई से अवैध हथियारों के नेटवर्क की एक अहम कड़ी पकड़ में आने का दावा किया जा रहा है। अब पुलिस का फोकस आरोपी से जुड़े बाकी लोगों तक पहुंचने पर है।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है। उसके खिलाफ पहले से दर्ज करीब दस मुकदमों के साथ नए मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपी की लॉरेंस बिश्नोई गैंग में वास्तविक भूमिका क्या थी और वह कितने समय से हथियारों की तस्करी में शामिल था।
पटियाला पुलिस की यह कार्रवाई संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि गैंग नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा





