पंजाब

कांग्रेस ने विधानसभा में CM Mann के आचरण पर उठाया सवाल

Ratna Netam
5 May 2026 1:20 PM IST
कांग्रेस ने विधानसभा में CM Mann के आचरण पर उठाया सवाल
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Punjab.पंजाब: पंजाब विधानसभा में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के आचरण को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि मुख्यमंत्री के व्यवहार और विधानसभा में उनके रवैये ने सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं को ठेस पहुंचाई है। सदन में कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का आचरण पारदर्शिता और जिम्मेदारी के मानकों के अनुरूप नहीं रहा। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने न केवल विपक्ष के सवालों का उचित जवाब नहीं दिया बल्कि कई मौकों पर सदन की मर्यादा का भी उल्लंघन किया। कांग्रेस ने कहा कि इस तरह के रवैये से विधानसभा की गरिमा पर प्रश्नचिह्न लग जाता है और लोकतंत्र की मूल भावना प्रभावित होती है।
कांग्रेस विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्य और आचरण की जांच के लिए विधानसभा में अनुशासन समिति को सक्रिय किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि भगवंत मान को सदन में अनुशासनहीन व्यवहार के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि ऐसा कदम राज्य की राजनीतिक व्यवस्था और विधायकों की गरिमा को संरक्षित करने के लिए जरूरी है। इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पार्टी के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति है। उन्होंने बताया कि विपक्ष द्वारा उठाया गया यह मुद्दा विधानसभा की कार्यप्रणाली और सदन की पारदर्शिता की दिशा में ध्यान आकर्षित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्यमंत्री का आचरण केवल विपक्ष के लिए ही नहीं, बल्कि जनता के प्रति उनकी जवाबदेही और प्रशासनिक कार्यों के प्रति भी महत्वपूर्ण है।
सदन में इस मुद्दे पर बहस के दौरान कांग्रेस ने कई उदाहरण पेश किए, जिनमें उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विशेष मामलों में अनियमितता दिखाई और विपक्ष के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पार्टी का कहना है कि ऐसी स्थिति में कार्रवाई केवल राजनीतिक आवश्यकता नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पार्टी ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया है। उनके समर्थकों का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा उठा रहा है और मुख्यमंत्री का आचरण पूरी तरह से विधायिका की मर्यादा के अनुरूप है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक ध्यान जनता के विकास और कल्याण पर होना चाहिए न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला विधानसभा की गरिमा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इसका प्रभाव आने वाले समय में पंजाब विधानसभा के संचालन और राजनीतिक माहौल पर पड़ सकता है।
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