
पंजाब : मुख्यमंत्री भगवंत मान के जीरा दौरे के दौरान रविवार को कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कुलबीर सिंह जीरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काले झंडे लेकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बढ़ती नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
मोहनेजीत सिंह मामले को लेकर प्रदर्शन
कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन तीन सितंबर को संगरूर जिले के शेरों गांव में हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, 37 वर्षीय मोहनेजीत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान राज्य में बढ़ते नशे के प्रभाव और सरकार की कथित निष्क्रियता के खिलाफ आवाज उठाई थी।
कांग्रेस का आरोप है कि मोहनेजीत सिंह ने कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाकर विरोध जताया था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मोहनेजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उसके खिलाफ BNS की धारा 126 और 170 के तहत केस दर्ज किया था।
कांग्रेस का आरोप है कि विरोध करने वाले व्यक्ति के साथ पुलिस ने कथित रूप से मारपीट की, जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई।
हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में अलग पक्ष रखा जा सकता है।
जमानत के बाद अस्पताल में भर्ती
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, तीन सितंबर को जमानत मिलने के बाद मोहनेजीत सिंह को संगरूर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बताया गया कि शुक्रवार तक उसका अस्पताल में इलाज चला।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में आम लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
कानून व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर सरकार घिरी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पंजाब सरकार पर कानून व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है और सरकार इस पर प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विरोध करने वाले नागरिक के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े करती है।
सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल
रविवार को हुए प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सरकार विरोधी नारे लगाए और अपनी मांगें रखीं।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे के दौरान हुए इस प्रदर्शन से पंजाब की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
कांग्रेस लगातार राज्य सरकार को नशे और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रही है, जबकि सरकार की ओर से अपने स्तर पर उपलब्धियों और उठाए गए कदमों को सामने रखा जाता रहा है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
मोहनेजीत सिंह मामले को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार से जवाब मांग रही है।
वहीं, पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल मुख्यमंत्री के जीरा दौरे के दौरान हुए इस विरोध प्रदर्शन ने पंजाब की सियासत में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है।





