पंजाब

CM Mann ने AAP MPs के BJP मर्जर पर उठाई राज्य की आवाज़

Ratna Netam
30 April 2026 1:39 PM IST
CM Mann ने AAP MPs के BJP मर्जर पर उठाई राज्य की आवाज़
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Punjab.पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि वे 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और AAP के राज्यसभा सांसदों के BJP में मर्जर के मामले पर पंजाब की आवाज़ उठाएंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह कदम राज्य की जनता और राजनीतिक स्थिरता के हित में जरूरी है।
पिछले कुछ दिनों में आम आदमी पार्टी (AAP) के कुछ सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों और राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह
मर्जर पंजाब के राजनीतिक संतुलन
को प्रभावित कर सकता है। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और जनता की राय को राष्ट्रपति के समक्ष रखकर राज्य के हितों की रक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब के मुद्दे, चाहे वह कृषि, रोजगार या विकास से जुड़े हों, राज्य की जनता की प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक कदम से राज्य के हितों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसलिए वे राष्ट्रपति से मिलकर इस मामले पर अपनी चिंता और दृष्टिकोण साझा करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि AAP MPs के BJP में जाने का मामला केवल पार्टी स्तर का विवाद नहीं है, बल्कि इससे पंजाब में सत्ता संतुलन, नीति निर्माण और लोकहित के मुद्दों पर असर पड़ सकता है। CM मान की राष्ट्रपति से बैठक का उद्देश्य राज्य की राजनीतिक स्थिरता, जनता की आवाज़ और राज्य हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
AAP के नेताओं का कहना है कि पार्टी के सांसदों का BJP में शामिल होना पार्टी संगठन के भीतर असंतोष और मतभेद को दर्शाता है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उनका उद्देश्य राज्य की जनता की राय को प्राथमिकता देना और सुनिश्चित करना है कि राज्य में किसी भी प्रकार की राजनीतिक हलचल से जनता को नुकसान न पहुंचे।
इस बीच, विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह कदम राजनीतिक रणनीति और सत्ता समीकरण को बदल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि CM मान द्वारा राष्ट्रपति से मुलाकात करना एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे केंद्र और राज्य के बीच संवाद और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे न केवल सांसदों के मर्जर के मामले को उठाएंगे, बल्कि पंजाब के कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे प्रमुख मुद्दों को भी राष्ट्रपति के ध्यान में लाएंगे। उनका कहना है कि राज्य की जनता की आवाज़ हमेशा प्राथमिकता रहेगी।
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