पंजाब

पंजाब की विरासत संरक्षण पर CM मान का जोर

Kiran
5 Oct 2026 10:17 AM IST
पंजाब की विरासत संरक्षण पर CM मान का जोर
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Punjab मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को पंजाब कला भवन, चंडीगढ़ में तीन खंडों, 1,980 पृष्ठों वाली 'पंजाब दा इतिहास' का विमोचन किया, जिसमें पंजाब की जीत, उथल-पुथल और परिवर्तन की सदियों पुरानी यात्रा के दस्तावेजीकरण को एक बड़ी जिम्मेदारी बताया गया। सभा को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि पंजाब लंबे समय से कला, संस्कृति और साहित्य का भंडार रहा है और उन्होंने अपनी विरासत को संरक्षित करने और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने की जरूरत पर जोर दिया।
मान ने कहा कि पंजाब प्राचीन काल से ही सभ्यता और संस्कृति का गढ़ रहा है, यहां के मेहनती और साहसी लोगों ने इस धरती पर इतिहास के कई अध्याय देखे हैं। उन्होंने कहा कि किसी समाज की पहचान की रक्षा के लिए सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, "केवल वे ही राष्ट्र जीवित रहते हैं जो अपनी संस्कृति को संरक्षित रखते हैं, जबकि जो लोग अपने गौरवशाली अतीत को नजरअंदाज करते हैं वे धीरे-धीरे अपनी पहचान खो देते हैं।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
मान ने कहा कि पंजाबियों को महान सिख गुरु साहिबान से बलिदान और वीरता की विरासत मिली है, जिन्होंने लोगों को अत्याचार, उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना सिखाया। उन्होंने कहा कि यह भावना पंजाबी चरित्र का अभिन्न अंग बनी हुई है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के योगदान को याद करते हुए सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान पंजाबियों द्वारा किया गया बलिदान अद्वितीय था। उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास, संस्कृति, बलिदान और उपलब्धियां यहां के लोगों के लिए बेहद गर्व का स्रोत बनी हुई हैं।
मान ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब की समृद्ध विरासत को संरक्षित और दस्तावेजित किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास को समझ सकें और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रह सकें।
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