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चंडीगढ़ पुलिस के सचिन कुमार ने 7,355 मीटर ऊंची अबी गामिन चोटी पर फहराया तिरंगा

Kavita2
29 Sept 2026 6:00 PM IST
चंडीगढ़ पुलिस के सचिन कुमार ने 7,355 मीटर ऊंची अबी गामिन चोटी पर फहराया तिरंगा
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस के जवान सचिन कुमार ने कठिन मौसम, भारी बर्फबारी और विषम हिमालयी परिस्थितियों के बीच 7,355 मीटर ऊंची अबी गामिन चोटी पर तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ वह अबी गामिन चोटी पर पहुंचने वाले चंडीगढ़ पुलिस के पहले सिपाही बन गए हैं। इससे पहले भी सचिन कुमार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट और ल्होत्से को फतह कर चुके हैं।

अबी गामिन अभियान की शुरुआत दिल्ली से फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम के साथ हुई थी। टीम ने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ना शुरू किया, लेकिन 14 सितंबर के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। पहाड़ी क्षेत्र में साइक्लोन के प्रभाव से तेज हवाएं चलने लगीं और भारी बर्फबारी शुरू हो गई। इससे अभियान की चुनौतियां कई गुना बढ़ गईं।

मौसम की खराब स्थिति का सबसे ज्यादा असर माउंट कामेट के रूट पर पड़ा। भारी बर्फ जमा होने और तेज हवाओं के कारण निर्धारित समय में रास्ता नहीं खुल सका। टीम को परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा और बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ा।

अबी गामिन हिमालय की ऊंची और चुनौतीपूर्ण चोटियों में शामिल है। 7,355 मीटर की ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, तेज बर्फीली हवाएं और लगातार बदलता मौसम पर्वतारोहियों के लिए बड़ी चुनौती होते हैं। सचिन कुमार ने इन्हीं कठिन परिस्थितियों के बीच चढ़ाई पूरी की।

चोटी तक पहुंचने के दौरान टीम को कई स्थानों पर बर्फ से भरे रास्तों और कठिन चढ़ाई का सामना करना पड़ा। मौसम लगातार अभियान की गति को प्रभावित कर रहा था। इसके बावजूद सचिन कुमार ने हिम्मत नहीं छोड़ी और तय लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।

अभियान के दौरान तापमान में गिरावट और तेज हवाओं के कारण चढ़ाई और भी मुश्किल हो गई थी। ऊंचाई बढ़ने के साथ शरीर पर दबाव भी बढ़ता गया, लेकिन सचिन कुमार ने अपने अनुभव और प्रशिक्षण का इस्तेमाल करते हुए आगे बढ़ना जारी रखा।

उनका पर्वतारोहण अनुभव इस अभियान में काफी काम आया। एवरेस्ट और ल्होत्से जैसी ऊंची चोटियों को पहले फतह कर चुके सचिन कुमार को ऊंचाई वाले क्षेत्रों की परिस्थितियों का अच्छा अनुभव था।

अबी गामिन पर तिरंगा फहराने के बाद यह उपलब्धि चंडीगढ़ पुलिस के लिए भी गौरव का विषय बन गई है। सचिन कुमार ने पुलिस सेवा के साथ-साथ पर्वतारोहण में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।

उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस बार अभियान की सबसे बड़ी चुनौती मौसम रहा। 14 सितंबर के बाद अचानक मौसम खराब होने से टीम की योजना प्रभावित हुई और पर्वतारोहियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।

माउंट कामेट का रास्ता निर्धारित समय में नहीं खुलने के कारण अभियान की दिशा और समय दोनों पर असर पड़ा। हालांकि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद टीम ने सुरक्षित तरीके से उपलब्ध विकल्पों पर काम किया।

सचिन कुमार ने ऊंचाई और प्रतिकूल मौसम दोनों का सामना करते हुए अबी गामिन तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल किया। चोटी पर तिरंगा फहराने का क्षण उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।

पर्वतारोहण अभियानों में मौसम सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हिमालयी क्षेत्र में कुछ ही समय में मौसम पूरी तरह बदल सकता है। साफ आसमान के बाद अचानक तेज बर्फबारी और तूफानी हवाएं शुरू हो सकती हैं।

अबी गामिन अभियान में भी यही स्थिति देखने को मिली। साइक्लोन के प्रभाव के कारण टीम को तेज हवाओं और भारी बर्फबारी का सामना करना पड़ा।

ऐसी परिस्थितियों में रास्ते पर आगे बढ़ना बेहद जोखिम भरा होता है। बर्फ की मोटी परत रास्ते को ढक देती है और पर्वतारोहियों के लिए दिशा बनाए रखना भी मुश्किल हो जाता है।

सचिन कुमार और अभियान दल ने मौसम के अनुसार अपनी गति तय की और जोखिम को देखते हुए आगे बढ़ने का फैसला लिया। आखिरकार सचिन कुमार ने लक्ष्य हासिल करते हुए चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराया।

यह उपलब्धि उनके पर्वतारोहण सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है। माउंट एवरेस्ट और ल्होत्से के बाद अब अबी गामिन भी उनकी उपलब्धियों की सूची में शामिल हो गई है।

सचिन कुमार की सफलता यह भी दिखाती है कि पुलिस बल में तैनात जवान ड्यूटी के साथ खेल और साहसिक गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

अबी गामिन की ऊंचाई 7,355 मीटर होने के कारण यह अभियान शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से कठिन माना जाता है। इतनी ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो जाती है।

पर्वतारोहियों को हर कदम सोच-समझकर रखना पड़ता है। थकान तेजी से बढ़ती है और शरीर को सामान्य से अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है।

ऐसी स्थिति में पहले से किया गया प्रशिक्षण और मानसिक तैयारी काफी महत्वपूर्ण होती है। सचिन कुमार के पिछले पर्वतारोहण अनुभव ने उन्हें इस चुनौती से निपटने में मदद की।

अभियान की शुरुआत दिल्ली में आयोजित फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम से हुई थी। वहां से टीम हिमालयी क्षेत्र की ओर रवाना हुई और निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ी।

शुरुआती चरण में मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल था, लेकिन 14 सितंबर के बाद परिस्थितियां बदल गईं। साइक्लोन के असर से पर्वतीय क्षेत्र में तेज हवाएं और भारी बर्फबारी होने लगी।

इस बदलाव ने अभियान की गति रोक दी और टीम को मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ा। माउंट कामेट का रास्ता भी इसी कारण समय पर नहीं खुल सका।

हालांकि इससे मनोबल प्रभावित होने के बजाय टीम ने उपलब्ध परिस्थितियों के अनुसार आगे की योजना बनाई।

सचिन कुमार ने आखिरकार अबी गामिन पर सफल चढ़ाई पूरी की और वहां तिरंगा फहराया।

इस सफलता के साथ वह चंडीगढ़ पुलिस के पहले ऐसे सिपाही बन गए जिन्होंने इस ऊंची चोटी को फतह किया है।

पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनकी लगातार उपलब्धियों ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई है। एवरेस्ट और ल्होत्से जैसी विश्व प्रसिद्ध चोटियों के बाद अब अबी गामिन की सफलता उनके अनुभव और साहस को और मजबूत करती है।

चंडीगढ़ पुलिस के लिए भी यह उपलब्धि प्रेरणादायक मानी जा रही है। एक पुलिस जवान का इस स्तर पर पर्वतारोहण में सफलता हासिल करना विभाग के लिए गौरव का विषय है।

सचिन कुमार की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकती है जो पर्वतारोहण और साहसिक खेलों में आगे बढ़ना चाहते हैं।

कठिन मौसम, भारी बर्फबारी और ऊंचाई की चुनौती के बावजूद उनका अभियान पूरा होना इस बात का उदाहरण है कि सही तैयारी और दृढ़ संकल्प से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

अबी गामिन पर तिरंगा फहराने के बाद सचिन कुमार ने अपने पर्वतारोहण करियर में एक और बड़ी सफलता दर्ज की है।

फिलहाल उनकी इस उपलब्धि को चंडीगढ़ पुलिस और पर्वतारोहण से जुड़े लोगों के बीच खास उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

एवरेस्ट, ल्होत्से और अब अबी गामिन पर सफलता के बाद सचिन कुमार ने एक बार फिर साबित किया है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य पर डटे रहने से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

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