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Punjab नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का सामना कर रहे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार झोटा की हत्या के पीछे की किसी भी साजिश की जांच कराएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, "जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।" मान ने आगे बताया कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव को इस मामले की गहन जांच करने और हत्या से जुड़े तथ्यों का पता लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, "मुख्य आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था और जांच चल रही है। लेकिन अगर राज्य में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश में कोई और भी शामिल पाया जाता है, तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा।"
मुख्यमंत्री मान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी नेता राज्य सरकार के "युद्ध नशियां विरुद्ध" (नशे के खिलाफ युद्ध) अभियान में कमियां निकाल रहे हैं और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। पंजाब सरकार ने पिछले साल मार्च में अपना "नशे के खिलाफ युद्ध" अभियान शुरू किया था। सरकार का दावा है कि पिछले 592 दिनों में 85,226 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
मानसा की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "ऐसा नहीं होना चाहिए था। राज्य सरकार नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए काम कर रही है, जिसमें नशीले रसायनों (साइकोट्रोपिक पदार्थों) की बिक्री और डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं (प्रिस्क्रिप्शन दवाओं) की अवैध बिक्री या उनके दुरुपयोग को रोकना शामिल है।" उन्होंने कहा, "हमने नशे के खिलाफ जंग छेड़ दी है। हम नशीले पदार्थों और प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की लत को रोकने के लिए इनके आपूर्तिकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। अवैध नशा कारोबार के प्रति हमारी 'जीरो-टॉलरेंस' नीति है और 'आप' (AAP) सरकार युवाओं को नशे की इस समस्या से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।"
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