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राजस्थान के सालासर से मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार गिरफ्तार
चंडीगढ़: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से पकड़ा गया। बुधवार, 14 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की जानकारी दी। झोटा की मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर पर विवाद के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
गिरफ्तार आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक बताया गया है। घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। झोटा की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने आरोपी को पकड़ने की मांग की थी। अब सालासर से गिरफ्तारी इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति है। हालांकि, गिरफ्तारी के दौरान की विस्तृत परिस्थितियों और बरामदगी की जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है। घटना के समय परविंदर सिंह झोटा फेसबुक पर लाइव वीडियो बना रहे थे। वह मेडिकल स्टोर संचालक से नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर सवाल कर रहे थे। सामने आए वीडियो में उनके साथ एक बुजुर्ग व्यक्ति भी दिखाई देता है। झोटा का दावा था कि उस व्यक्ति ने दुकान से नशीला पदार्थ खरीदा था। इसी बात पर दुकान संचालक और उनके बीच बहस हुई।
वीडियो में दुकान संचालक के हाथ में पिस्तौल दिखाई देने की बात सामने आई है। झोटा उससे हथियार रखने के बारे में सवाल करते और अपने साथियों से पुलिस बुलाने को कहते सुनाई देते हैं। उन्होंने दुकान का सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग भी की थी। कुछ देर तक चली बहस के बाद गोली चली और उनका मोबाइल नीचे गिर गया, जिससे लाइव रिकॉर्डिंग बंद हो गई।
गोली लगने के बाद झोटा को मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। गोलीबारी में अन्य लोग भी घायल हुए। घटना के बाद मौके पर पुलिस और झोटा के समर्थक पहुंचे। आरोपी की तलाश शुरू की गई। गिरफ्तारी की पुष्टि होने के बाद अब मामले में आरोपी की भूमिका और वारदात की परिस्थितियों की पड़ताल आगे बढ़ेगी। परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के क्षेत्रों में नशे के खिलाफ सक्रिय थे। वह कुछ मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री का मुद्दा उठाते थे। अपने अभियान के दौरान वह सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते और लोगों से नशे के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते थे। उनके वीडियो के जरिए स्थानीय स्तर पर चल रही गतिविधियां सार्वजनिक चर्चा में आती थीं।
झोटा और आरोपी के बीच पुराने विवाद की जानकारी भी सामने आई है। वर्ष 2023 में नशीले पदार्थ बेचने का आरोप लगाते हुए झोटा ने इसी केमिस्ट को जूतों की माला पहनाई थी। उस घटना के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में शिकायतकर्ता ने मामला वापस लेने की इच्छा जताई और सितंबर 2023 में झोटा को रिहा किया गया था।
हत्या के बाद मानसा में विरोध प्रदर्शन हुआ। समर्थकों ने 12 हाटा चौक पर धरना देकर गिरफ्तारी की मांग की और बाजार बंद होने की जानकारी भी सामने आई। कांग्रेस तथा शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने घटना को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। ये राजनीतिक दलों के आरोप हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। मेडिकल स्टोर पर नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े आरोप और हत्या की पूरी परिस्थितियां जांच का विषय हैं। आरोपी का पकड़ा जाना मामले में अहम कदम है, जबकि उसके खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
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