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Punjab.पंजाब: कभी उभरते खेलों में गिने जाने वाले टेनिस को अमृतसर में आज गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती प्रशिक्षण लागत, उपकरणों की महंगाई और सरकारी सहायता की कमी के कारण यह खेल धीरे-धीरे हाशिये पर जाता दिखाई दे रहा है। स्थानीय खेल प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों का कहना है कि टेनिस जैसे व्यक्तिगत खेल में पहले से ही खर्च अधिक होता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में रैकेट, बॉल, कोर्ट फीस और कोचिंग चार्ज में भारी बढ़ोतरी ने इसे और भी महंगा बना दिया है। इसके चलते कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस खेल को बीच में ही छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं।
एक टेनिस कोच ने बताया, “अमृतसर में टेनिस खेलने वालों की संख्या लगातार घट रही है। पहले जहां दर्जनों युवा प्रशिक्षण लेते थे, अब यह संख्या काफी कम हो गई है। इसका मुख्य कारण आर्थिक बोझ और पर्याप्त सुविधाओं की कमी है।” खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें नियमित अभ्यास के लिए अच्छे कोर्ट और आधुनिक सुविधाओं की जरूरत होती है, लेकिन सरकारी स्तर पर इस दिशा में अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पा रहा है। कई खिलाड़ियों ने निजी अकादमियों पर निर्भर रहने की मजबूरी जताई, जहां फीस काफी अधिक होती है।
एक युवा खिलाड़ी ने बताया, “हमारे जैसे मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए टेनिस खेलना आसान नहीं है। उपकरण और प्रशिक्षण दोनों महंगे हैं। अगर सरकारी सहायता मिले तो हम बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।” खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो अमृतसर में टेनिस का भविष्य और भी कमजोर हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को स्कूल स्तर पर टेनिस को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू करनी चाहिए, ताकि युवा खिलाड़ियों को शुरुआती चरण में ही सही प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकें।
स्थानीय खेल संघों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि यदि टेनिस को बचाना है तो सार्वजनिक टेनिस कोर्ट, सब्सिडी वाली कोचिंग और उपकरण सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। कुछ निजी क्लब और प्रशिक्षक अपने स्तर पर खेल को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण उनका प्रभाव सीमित रह जाता है। अमृतसर के खेल प्रेमियों का कहना है कि शहर में क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय खेलों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जबकि टेनिस जैसे तकनीकी खेल को अपेक्षित समर्थन नहीं मिलता।
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