पंजाब

गर्मी की तपिश, Ludhiana में पारंपरिक पेय बन गए राहत

Ratna Netam
2 May 2026 12:56 PM IST
गर्मी की तपिश, Ludhiana में पारंपरिक पेय बन गए राहत
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Punjab.पंजाब: पंजाब का औद्योगिक शहर लुधियाना इन दिनों गर्मी की तीव्रता का सामना कर रहा है। जैसे-जैसे पारा बढ़ रहा है, लोग पारंपरिक ठंडक देने वाले पेयों, जैसे लस्सी और शिकंजी का सहारा लेने लगे हैं। गर्मी के मौसम में यह पेय न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं बल्कि पानी की कमी और हीट स्ट्रोक से बचाव में भी मदद करते हैं।
स्थानीय बाजारों और दुकानों में लस्सी और शिकंजी की मांग अचानक बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी हो गई है। शहर के लोग सुबह और शाम के समय इन पेयों का सेवन कर खुद को गर्मी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
राम कुमार, जो एक स्थानीय लस्सी की दुकान चलाते हैं, बताते हैं, “गर्मी शुरू होते ही हमारी बिक्री बढ़ जाती है। लोग सुबह-सुबह और शाम के समय लस्सी पीते हैं। कुछ ग्राहक शिकंजी भी पसंद करते हैं। यह सिर्फ स्वादिष्ट नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना अत्यंत जरूरी है। वे बताते हैं कि पारंपरिक पेय, जैसे लस्सी और शिकंजी, न केवल पानी की कमी को पूरा करते हैं बल्कि शरीर में आवश्यक मिनरल्स भी बनाए रखते हैं। विशेष रूप से शिकंजी में नींबू और नमक शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
लुधियाना के नागरिक भी इस परंपरा को अपनाते हुए गर्मी के तेज दिनों में इन पेयों के सहारे राहत पा रहे हैं। सीमा गुप्ता, जो शहर की एक स्कूल शिक्षिका हैं, बताती हैं, “हम अपने बच्चों और परिवार के लिए दिन में दो-तीन बार लस्सी और शिकंजी बनाते हैं। इससे गर्मी का असर कम लगता है और शरीर ताजगी महसूस करता है।”
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने पानी का अधिक सेवन, हल्के और ढीले कपड़े पहनना, और दोपहर के समय धूप से बचना आवश्यक बताया है। इसके साथ ही, घरों में पारंपरिक पेयों का सेवन गर्मी से राहत पाने का एक असरदार उपाय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लस्सी और शिकंजी जैसी परंपरागत चीजों का महत्व सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक रूप से शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने का तरीका है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि गर्मी में इनका सेवन नियमित रूप से करें और बहुत अधिक मीठे या बहुत ठंडे पेयों से बचें।
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