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ओबीसी जातीय जनगणना में खामियों का आरोप, हरियाणा कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

Kavita2
7 Oct 2026 4:49 PM IST
ओबीसी जातीय जनगणना में खामियों का आरोप, हरियाणा कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
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चंडीगढ़। अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC की जातीय जनगणना में संभावित खामियों का आरोप लगाते हुए हरियाणा कांग्रेस ने बुधवार को राजभवन पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात की और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने आगामी जनगणना में OBC के लिए अलग और स्पष्ट श्रेणी रखने के साथ जातियों के नामों की वैज्ञानिक कोडिंग और मानकीकरण की मांग की है।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, OBC सेल के प्रदेश अध्यक्ष एवं आदमपुर विधायक चंद्र प्रकाश और पूर्व सांसद राज बब्बर ने किया। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के सामने कहा कि यदि जातियों की पहचान और रिकॉर्डिंग के लिए स्पष्ट व्यवस्था नहीं बनाई गई तो वास्तविक आंकड़े प्रभावित हो सकते हैं।

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा कि जनगणना के दौरान केवल व्यक्ति से उसकी जाति पूछकर नाम दर्ज कर लेना पर्याप्त नहीं होगा। अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही जाति या समुदाय के नाम की वर्तनी और स्थानीय पहचान अलग हो सकती है। ऐसे में एक ही समुदाय के आंकड़े अलग-अलग नामों में दर्ज होने का खतरा रहेगा। पार्टी ने इसके समाधान के लिए प्रत्येक मान्यता प्राप्त जाति या समुदाय को एक विशिष्ट वैज्ञानिक कोड देने का सुझाव दिया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि OBC की सही सामाजिक और आर्थिक स्थिति समझने के लिए विश्वसनीय आंकड़े बेहद जरूरी हैं। यदि गणना में त्रुटियां रह जाती हैं तो भविष्य में आरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण पर उसका असर पड़ सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जनगणना प्रपत्र में OBC के लिए एक अलग और स्पष्ट कॉलम बनाया जाए। पार्टी का तर्क है कि इससे उत्तरदाता को अपनी सामाजिक श्रेणी दर्ज कराने में भ्रम नहीं होगा और डेटा संकलन के दौरान भी अलग-अलग वर्गों की पहचान अधिक स्पष्ट तरीके से हो सकेगी।

हरियाणा कांग्रेस के OBC मोर्चा से जुड़े नेताओं ने कहा कि जातियों के नामों का मानकीकरण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कई समुदाय अलग-अलग जिलों और राज्यों में अलग नामों या उपनामों से पहचाने जाते हैं। यदि इन्हें अलग-अलग श्रेणी मानकर दर्ज किया गया तो अंतिम आंकड़ों में वास्तविक संख्या कम या अधिक दिखाई दे सकती है।

कांग्रेस ने मांग की कि केंद्र सरकार जनगणना शुरू होने से पहले मान्यता प्राप्त जातियों की सूची तैयार करे और प्रत्येक जाति के लिए एक निश्चित कोड निर्धारित करे। यह कोड पूरे देश में एक समान होना चाहिए, ताकि एक ही जाति को अलग-अलग नामों से दर्ज करने की समस्या न हो।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी OBC वर्ग की सही गणना सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कांग्रेस का कहना है कि जातीय जनगणना का उद्देश्य केवल संख्या जुटाना नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक हिस्सेदारी का सटीक रिकॉर्ड तैयार करना होना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहे। दोनों नेता पिछले दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी कांग्रेस की ओर से कई सवाल उठा चुके हैं।

राज्यपाल से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जातीय जनगणना से जुड़े तकनीकी प्रारूप को शुरुआत से ही स्पष्ट किया जाना चाहिए। पार्टी ने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की है।

कांग्रेस का कहना है कि यदि जातीय आंकड़े सटीक होंगे तो सरकारों के लिए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाएं बनाना भी आसान होगा। गलत या अधूरे आंकड़ों के आधार पर बनाई गई नीतियां वास्तविक जरूरतमंद वर्गों तक पर्याप्त लाभ नहीं पहुंचा पाएंगी।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि गणनाकर्मियों को OBC और विभिन्न जातियों की पहचान से संबंधित पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। जनगणना के दौरान स्थानीय स्तर पर भ्रम की स्थिति से बचने के लिए स्पष्ट निर्देश और कोडबुक उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक किसी व्यक्ति की जाति का नाम लिखते समय केवल स्थानीय उच्चारण या स्पेलिंग पर निर्भर रहने से डेटा में विसंगति आ सकती है। वैज्ञानिक कोडिंग से ऐसी गलतियों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में पार्टी ने जातीय डेटा के संग्रह, वर्गीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की भी मांग की। कांग्रेस चाहती है कि गणना पूरी होने के बाद डेटा की जांच के लिए भी स्पष्ट प्रक्रिया तय की जाए।

पार्टी ने OBC वर्ग की जनगणना को संवेदनशील सामाजिक मुद्दा बताते हुए कहा कि इसे राजनीतिक विवाद के बजाय सटीक डेटा संग्रह की प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।

हरियाणा में OBC मतदाताओं और समुदायों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस इस वर्ग से जुड़े प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लगातार उठा रही है।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष को ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी मांग केंद्र सरकार और राष्ट्रपति तक पहुंचाई जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनगणना का अंतिम प्रारूप तैयार करते समय इन सुझावों पर विचार होगा।

कांग्रेस की मुख्य मांग तीन बिंदुओं पर केंद्रित है—OBC के लिए स्पष्ट अलग कॉलम, प्रत्येक जाति की वैज्ञानिक कोडिंग और जातियों के नामों का राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकरण।

पार्टी का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के बिना जातीय जनगणना के आंकड़ों में भ्रम और दोहराव की संभावना बनी रहेगी। इससे किसी समुदाय की वास्तविक आबादी का आकलन प्रभावित हो सकता है।

फिलहाल हरियाणा कांग्रेस ने अपनी मांग राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए राज्यपाल को ज्ञापन सौंप दिया है। अब पार्टी की नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार आगामी जनगणना की प्रक्रिया में OBC से जुड़े डेटा संग्रह के लिए किस तरह का प्रारूप और व्यवस्था अपनाती है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जातीय जनगणना तभी सार्थक होगी जब उसमें प्रत्येक समुदाय की गिनती सटीक, स्पष्ट और वैज्ञानिक तरीके से की जाए। इसी उद्देश्य से पार्टी ने राजभवन पहुंचकर अपनी आपत्ति और सुझाव औपचारिक रूप से दर्ज कराए हैं।

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