
चंडीगढ़। ड्रग्स से जुड़े मामले में बर्खास्त पूर्व एआईजी राजजीत सिंह हुंदल की मुश्किलें अब उनकी कथित बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों तक पहुंच गई हैं। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने उनसे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच तेज कर दी है। एजेंसी का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि हुंदल के नाम या कथित तौर पर अन्य लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों और बैंक खातों में हुए लेनदेन का किसी ड्रग्स नेटवर्क से वित्तीय संबंध रहा है या नहीं।
जांच एजेंसी हुंदल से जुड़े संपत्ति दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल कर रही है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि संबंधित संपत्तियां कब और किस माध्यम से खरीदी गईं, उनके लिए रकम कहां से आई और भुगतान किस तरह किया गया।
ANTF की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कथित बेनामी संपत्तियों की पहचान करना है। एजेंसी यह देख रही है कि कहीं ऐसी संपत्तियां तो नहीं हैं जो किसी रिश्तेदार, परिचित या अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज हों, लेकिन वास्तविक नियंत्रण या लाभ किसी और के पास हो। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
जांच अधिकारियों की नजर बैंकिंग लेनदेन पर भी है। विभिन्न बैंक खातों में जमा और निकासी की रकम, बड़े ट्रांजेक्शन, संदिग्ध भुगतान और एक खाते से दूसरे खाते में हुए धन हस्तांतरण का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिन खातों और संपत्तियों को जांच के दायरे में लिया गया है, उनकी आय के घोषित स्रोत क्या थे और क्या इनका मेल उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड से बैठता है।
ड्रग्स से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच को अहम माना जाता है, क्योंकि इससे केवल आरोपित व्यक्ति की भूमिका ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
इसी वजह से ANTF हुंदल से जुड़े बैंक खातों के अलावा उन व्यक्तियों के खातों की भी जांच कर सकती है, जिनके साथ बार-बार या बड़ी रकम के लेनदेन हुए हों। ऐसे ट्रांजेक्शन मिलने पर एजेंसी उनके स्रोत और उद्देश्य की पुष्टि करेगी।
जांच एजेंसी को संदेह है कि वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने से ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट और संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों को आपस में मिलाकर देखा जा रहा है।
हुंदल के खिलाफ पहले से चल रहे मामले के बाद अब वित्तीय जांच का दायरा बढ़ने से मामला और गंभीर हो गया है। एजेंसी यह जानना चाहती है कि उनकी आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्तियों के बीच कोई असमानता तो नहीं है।
यदि किसी संपत्ति का मूल्य घोषित आय से अधिक पाया जाता है तो उसके भुगतान के स्रोत की जांच की जाएगी। इसी तरह बैंक खातों में असामान्य या बार-बार हुए बड़े लेनदेन मिलने पर उनसे जुड़े व्यक्तियों से भी पूछताछ हो सकती है।
ANTF संबंधित संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, खरीद की तारीख, विक्रेता और भुगतान के तरीके की जानकारी जुटा रही है। इससे यह समझने की कोशिश होगी कि संपत्ति खरीदने के लिए रकम सीधे हुंदल के खातों से दी गई या किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल किया गया।
जांच में संपत्तियों के मौजूदा स्वामित्व की भी पड़ताल की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या किसी संपत्ति का नाम बाद में किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर किया गया और इसके पीछे कोई विशेष कारण था।
बैंक खातों की जांच के दौरान नकद जमा, ऑनलाइन ट्रांसफर, चेक भुगतान और अन्य लेनदेन का डेटा भी देखा जा रहा है। एजेंसी उन खातों पर खास ध्यान दे रही है जिनमें बड़ी रकम का आवागमन दर्ज हुआ हो।
इस वित्तीय पड़ताल का उद्देश्य केवल संपत्तियों की संख्या या मूल्य का आकलन करना नहीं है, बल्कि धन के स्रोत और उसकी आवाजाही की पूरी श्रृंखला को समझना है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगा सकती है कि हुंदल या उनसे जुड़े लोगों ने किसी कंपनी, फर्म या कारोबारी इकाई में निवेश किया था या नहीं। यदि ऐसा कोई रिकॉर्ड मिलता है तो संबंधित कंपनियों के वित्तीय दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
एजेंसी उन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है जिन्होंने हुंदल से जुड़े खातों में रकम भेजी या उनसे भुगतान प्राप्त किया। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि लेनदेन सामान्य व्यावसायिक या व्यक्तिगत था या किसी अन्य गतिविधि से जुड़ा था।
ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े मामलों में अक्सर वित्तीय जांच से अहम सुराग मिलते हैं। नकदी के प्रवाह और संपत्ति खरीद के पैटर्न को देखकर यह समझने में मदद मिल सकती है कि अवैध कमाई को कहां और किस तरह इस्तेमाल किया गया।
हालांकि इस स्तर पर हुंदल से जुड़ी कथित बेनामी संपत्तियों या बैंक खातों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच अभी जारी है और एजेंसी दस्तावेजों तथा लेनदेन की पुष्टि कर रही है।
जांच अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि अलग-अलग नामों और खातों से जुड़े रिकॉर्ड को जोड़कर सही वित्तीय तस्वीर तैयार की जाए। इसमें जमीन-जायदाद, बैंक खातों और अन्य निवेशों के दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
एजेंसी यह भी देख रही है कि जांच के दौरान सामने आने वाले किसी व्यक्ति का पहले से दर्ज ड्रग्स मामले या उससे जुड़े आरोपितों से संपर्क रहा है या नहीं।
यदि जांच में किसी खाते या संपत्ति से ड्रग्स नेटवर्क के धन का सीधा संबंध मिलता है तो उसके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल ANTF की कार्रवाई का केंद्र हुंदल के वित्तीय नेटवर्क की जांच है। संपत्तियों की खरीद, बैंक खातों के लेनदेन और धन के स्रोत को लेकर दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी का प्रयास है कि वित्तीय कड़ियों को जोड़कर यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित संपत्तियां और रकम वैध स्रोतों से आई थीं या किसी गैरकानूनी गतिविधि से उनका संबंध था।
बर्खास्त पूर्व AIG राजजीत सिंह हुंदल से जुड़े मामले में अब वित्तीय पहलू की गहन जांच शुरू होने से आने वाले दिनों में और तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल एजेंसी संपत्ति और बैंक रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





