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यमुना के बाढ़ क्षेत्र में बनेगा 15.29 एकड़ का जलाशय, 40 करोड़ लीटर तक भूजल रिचार्ज का लक्ष्य

Kavita2
30 Aug 2026 3:49 PM IST
यमुना के बाढ़ क्षेत्र में बनेगा 15.29 एकड़ का जलाशय, 40 करोड़ लीटर तक भूजल रिचार्ज का लक्ष्य
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फरीदाबाद। यमुना के बाढ़ क्षेत्र में जल संरक्षण और भूजल स्तर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) की ओर से गांव चांदपुर में 15.29 एकड़ भूमि पर जलाशय तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य यमुना में आने वाले अतिरिक्त बाढ़ और वर्षा के पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर को रिचार्ज करना है।

FMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने गांव चांदपुर पहुंचकर प्रस्तावित जलाशय निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पांच रेनीवेल परियोजनाओं का भी जायजा लिया।

बाढ़ के पानी का होगा बेहतर उपयोग

यमुना के बाढ़ क्षेत्र में मानसून के दौरान बड़ी मात्रा में पानी आता है। कई बार यह पानी बहकर बेकार चला जाता है और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव जैसी स्थिति भी बनती है।

अब इस परियोजना के माध्यम से बाढ़ और बारिश के अतिरिक्त पानी को एकत्रित किया जाएगा। इसके बाद यह पानी धीरे-धीरे जमीन में समाकर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा।

FMDA अधिकारियों का कहना है कि जलाशय बनने से क्षेत्र के जलभृत (एक्विफर) की क्षमता मजबूत होगी और भविष्य में पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।

30 से 40 करोड़ लीटर पानी होगा रिचार्ज

परियोजना के तहत तैयार किए जा रहे जलाशय में एक बार पूरी क्षमता से पानी भरने पर करीब 30 से 40 करोड़ लीटर पानी भूजल में रिचार्ज होने की संभावना जताई जा रही है।

यह फरीदाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण भूजल पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

तीन लाख घन मीटर मिट्टी की होगी खुदाई

जलाशय निर्माण के लिए करीब तीन लाख घन मीटर अतिरिक्त मिट्टी की खुदाई की जा रही है।

इस खुदाई के बाद तैयार होने वाले जलाशय में मानसून के दौरान यमुना का अतिरिक्त पानी संग्रहित किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, जलाशय का निर्माण वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है, ताकि इसका लाभ लंबे समय तक क्षेत्र को मिल सके।

भूजल संकट से निपटने की पहल

फरीदाबाद में लगातार बढ़ते शहरी विस्तार के कारण भूजल स्तर में गिरावट एक बड़ी चुनौती बन रही है।

घरों, उद्योगों और अन्य जरूरतों के लिए भूजल पर निर्भरता बढ़ रही है। ऐसे में जल संरक्षण और रिचार्ज परियोजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हो गई हैं।

FMDA की यह परियोजना भविष्य में पानी की उपलब्धता बनाए रखने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती है।

पांच रेनीवेल परियोजनाओं का भी निरीक्षण

FMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने गांव चांदपुर जलाशय के अलावा फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पांच रेनीवेल परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया।

रेनीवेल परियोजनाओं का उद्देश्य जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों के अनुसार, बाढ़ के पानी को नियंत्रित तरीके से संग्रहित कर भूजल रिचार्ज करना जल प्रबंधन का प्रभावी तरीका है।

इससे एक ओर जहां बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सकता है, वहीं दूसरी ओर जमीन के अंदर पानी की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

यमुना बाढ़ क्षेत्र में बनने वाला यह जलाशय इसी सोच पर आधारित है।

अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

निरीक्षण के दौरान FMDA सीईओ ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि परियोजना का काम निर्धारित समय के अनुसार पूरा किया जाए।

उन्होंने निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने और तकनीकी मानकों का पालन करने पर जोर दिया।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद

जलाशय निर्माण से केवल भूजल स्तर ही नहीं सुधरेगा, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

जल संग्रहण से क्षेत्र में नमी बनी रहेगी और प्राकृतिक जल चक्र को मजबूती मिलेगी।

भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना

फरीदाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों के लिए भविष्य में पानी की मांग बढ़ने की संभावना है।

ऐसे में जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाएं आने वाले समय में बेहद उपयोगी साबित होंगी।

यमुना के बाढ़ क्षेत्र में तैयार किया जा रहा यह जलाशय फरीदाबाद के जल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे लाखों लीटर पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।

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