
Odisha ओडिशा: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को ठगने का काम कर रहा था। आरोपी की पहचान आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी बरदा सुधीर के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फर्जी पहचान के जरिए लोगों को प्रभावित कर आर्थिक लाभ उठा रहा था।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने शुक्रवार को रूपाली स्क्वायर के पास स्थित एक ऑप्टिकल स्टोर से महंगे और लग्जरी सनग्लास खरीदे थे। इसके बाद उसने खुद को सब-कलेक्टर स्तर का IAS अधिकारी बताकर भुगतान करने से इनकार कर दिया। आरोपी के व्यवहार पर संदेह होने पर दुकान के कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही शहीद नगर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान उसके दावों और दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी खुद को एक वरिष्ठ नौकरशाह बताकर कई लोगों को ठग चुका है।
पुलिस के अनुसार, बरदा सुधीर का आपराधिक इतिहास पहले से ही रहा है। उस पर विभिन्न स्थानों पर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं और वह पहले भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। हालांकि, जमानत पर रिहा होने के बाद उसने दोबारा इसी तरह की गतिविधियां शुरू कर दीं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अक्सर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर होटल, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लाभ उठाने की कोशिश करता था। इस तरह वह लोगों को प्रभावित कर बिना भुगतान किए सुविधाएं प्राप्त करने का प्रयास करता था।
स्थानीय पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन स्थानों पर इसी तरह की ठगी की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में फर्जी पहचान का उपयोग कर समाज में भ्रम पैदा किया जाता है और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता है। इसलिए ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसके साथ इस तरह के अपराध में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी चिंता का माहौल है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





