
रायगढ़ा : ओडिशा के रायगढ़ा ज़िले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब तीनों मंदिर से दर्शन कर स्कूटर पर लौट रहे थे। रास्ते में स्कूटर के ब्रेक अचानक फेल हो गए, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतकों की पहचान गुनुपुर शहर की प्रसिद्ध नृत्य शिक्षिका और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित नृत्य गुरु सस्मिता पांडा तथा केंद्रपाड़ा ज़िले के राजाकनिका निवासी शंभूनाथ दास के रूप में हुई है। हादसे में घायल तीसरे व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसे बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों श्रद्धालु शुक्रवार को मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद स्कूटर से वापस लौट रहे थे। रास्ते में अचानक स्कूटर के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तेज ढलान और ब्रेक फेल होने के कारण स्कूटर की रफ्तार बढ़ती चली गई। कुछ ही क्षणों बाद स्कूटर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि आसपास मौजूद लोग भी इसकी आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को स्कूटर से निकालकर एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने सस्मिता पांडा और शंभूनाथ दास को मृत घोषित कर दिया। तीसरे घायल का प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूटर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण स्कूटर के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस तकनीकी जांच भी कर रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सस्मिता पांडा के निधन की खबर फैलते ही गुनुपुर और आसपास के सांस्कृतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे ओडिशा की जानी-मानी नृत्य शिक्षिका थीं और उन्होंने भारतीय शास्त्रीय एवं सांस्कृतिक कला के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी प्रतिभा और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने वर्षों तक अनेक विद्यार्थियों को नृत्य की शिक्षा दी और कई राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति और मार्गदर्शन से पहचान बनाई।
सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों ने सस्मिता पांडा के निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। उनके शिष्यों, सहयोगियों और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से ओडिशा की सांस्कृतिक दुनिया ने एक समर्पित गुरु और प्रेरणास्रोत को खो दिया है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
वहीं, शंभूनाथ दास के निधन से उनके परिवार और गृह क्षेत्र केंद्रपाड़ा ज़िले में भी शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दोनों मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल व्यक्ति के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहिया वाहनों की नियमित तकनीकी जांच कराना अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से ब्रेक, टायर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर जांच से इस प्रकार की दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है। पहाड़ी या ढलान वाले मार्गों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की भी सलाह दी जाती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन लेकर यात्रा पर निकलने से पहले उसकी तकनीकी स्थिति की जांच अवश्य करें। यदि वाहन में किसी प्रकार की खराबी महसूस हो तो उसे तुरंत ठीक कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने का भी आग्रह किया गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव के महत्व को उजागर किया है।





