ओडिशा

Puri श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती अस्थायी रूप से रोकी गई

Kavita2
23 May 2026 1:02 PM IST
Puri श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती अस्थायी रूप से रोकी गई
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Odisha ओडिशा: श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने शनिवार को जानकारी दी कि पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार (खजाने की तिजोरी) की इन्वेंट्री और गिनती का कार्य फिलहाल कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। यह प्रक्रिया जून महीने में फिर से शुरू की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत चल रही इस इन्वेंट्री प्रक्रिया को 24 मई से स्थगित किया जाएगा। हालांकि, 23 मई को निर्धारित गिनती का काम पूर्व योजना के अनुसार जारी रहेगा और इसे पूरा किया जाएगा।

SJTA ने बताया कि यह निर्णय कई व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इनमें तेज गर्मी, मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और आगामी प्रमुख धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शामिल हैं।

प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में स्नान पूर्णिमा और रथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में मंदिर परिसर में सुरक्षा, व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता देने के लिए रत्न भंडार की गिनती को अस्थायी रूप से रोकना आवश्यक समझा गया।

SJTA ने यह भी स्पष्ट किया कि रत्न भंडार की अगली चरण की इन्वेंट्री प्रक्रिया की योजना को लेकर जल्द ही बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके लिए छत्तीसा निजोग और उससे जुड़ी उप-समितियों की बैठकें आने वाले सप्ताह में प्रस्तावित हैं, जिनमें आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि रत्न भंडार की गिनती एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसे पूरी सावधानी और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा है। इसलिए किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि धार्मिक गतिविधियों और प्रशासनिक कार्यों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पारंपरिक आयोजनों की गरिमा भी बनी रहे।

कुल मिलाकर, श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती का कार्य अस्थायी रूप से रोकना एक प्रशासनिक निर्णय है, जिसका उद्देश्य आगामी बड़े धार्मिक आयोजनों को सुचारु रूप से संपन्न कराना और मंदिर व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करना है।

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