
Odisha ओडिशा: ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक सरपंच के खिलाफ डिसक्वालिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की सिफारिश की गई है। कपटीपाड़ा ब्लॉक की रामचंद्रपुर ग्राम पंचायत के सरपंच लुडू सुरीन पर ओडिशा ग्राम पंचायत (OGP) एक्ट, 1964 के तहत लागू दो बच्चों के नियम के उल्लंघन का आरोप है।
मामले में मयूरभंज के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट ने पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के अंतर्गत पंचायती राज निदेशक को पत्र लिखकर कार्रवाई की सिफारिश की है। प्रशासन की ओर से भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि सरपंच के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच के आधार पर यह मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, राजकिशोर नायक और अन्य लोगों द्वारा एक शिकायत याचिका दायर की गई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरपंच लुडू सुरीन ने पंचायत चुनाव के दौरान नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपने बच्चों की संख्या को लेकर गलत जानकारी दी थी।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह ओडिशा ग्राम पंचायत अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन होगा, जिसके तहत दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार को पंचायत चुनाव लड़ने या पद पर बने रहने की अनुमति नहीं होती।
जिला प्रशासन ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच कराई, जिसके बाद यह सिफारिश की गई कि सरपंच के खिलाफ अयोग्यता (disqualification) की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इस संबंध में पंचायती राज निदेशक को औपचारिक रूप से रिपोर्ट भेज दी गई है।
अब इस मामले में अंतिम निर्णय राज्य स्तर पर संबंधित प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा, जहां सभी दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो सरपंच को पद से हटाया जा सकता है और आगे की कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह नियम पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जनसंख्या नियंत्रण नीति को लागू करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसलिए नामांकन के समय दी गई जानकारी की सत्यता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल भी देखी जा रही है। हालांकि अभी तक सरपंच की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कुल मिलाकर, मयूरभंज जिले में सामने आया यह मामला पंचायत चुनाव प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिसका परिणाम आने वाले समय में तय होगा।





