
Odisha ओडिशा: तमिलनाडु के तिरुवल्लुर ज़िले में स्थित एक सीफ़ूड प्रोसेसिंग फैक्टरी में हुए अमोनिया गैस लीक हादसे में ओडिशा के कामगारों की मौत का आंकड़ा बढ़कर छह हो गया है। मंगलवार को इलाज के दौरान एक और घायल महिला वर्कर की मौत हो गई, जिससे इस दर्दनाक घटना में मरने वालों की संख्या और बढ़ गई।
ताजा जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान ओडिशा के क्योंझर ज़िले की रहने वाली जमुनी जुआंगा के रूप में हुई है। वह गैस लीक की घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और तब से अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। लेकिन ज़हरीली अमोनिया गैस के संपर्क में आने से उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
इससे पहले इसी घटना में क्योंझर ज़िले की ही पांच अन्य ओडिया महिला वर्करों की मौत हो चुकी थी। इनमें गुमानी जुआंगा, गीता जुआंगा, चंपावती जुआंगा, शिबानी जुआंगा और फुलोमनी जुआंगा शामिल हैं। इस तरह अब तक कुल छह ओडिया वर्करों की जान जा चुकी है।
यह घटना रविवार को तिरुवल्लुर ज़िले के पेरियापालयम के पास कनिगईपैर गांव में स्थित एक निजी सीफ़ूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट यूनिट में हुई थी। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि फैक्टरी के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण अमोनिया गैस का रिसाव हुआ।
गैस लीक होते ही फैक्टरी के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत और जलन जैसी समस्याएं होने लगीं, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूरों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और फैक्टरी परिसर को खाली कराया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा और जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
ओडिशा सरकार ने भी इस हादसे पर चिंता जताई है और तमिलनाडु प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं मृतकों के परिवारों में गहरा शोक है और गांवों में मातम का माहौल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में गैस सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। फिलहाल मामले की जांच जारी है और फैक्टरी प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।





