खेलों को मिलेगी नई रफ्तार, CM ने किया 4124 करोड़ के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान का ऐलान

भुवनेश्वर: राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने हॉकी के महान खिलाड़ी स्वर्गीय मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देते हुए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और साहसिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिभावान लोगों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हर ब्लॉक में बनेगा स्मार्ट स्टेडियम
CM मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार ने हर ब्लॉक में बेहतर, मानक और स्मार्ट स्टेडियम बनाने की योजना शुरू की है। इसके लिए 4124 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।उन्होंने बताया कि राज्य के 314 ब्लॉकों में अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने का काम शुरू हो चुका है। इन स्टेडियमों में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
'खेलेगा ओडिशा जीतेगा ओडिशा' का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल की राष्ट्रीय थीम 'खेलेगा भारत-जीतेगा भारत' की तर्ज पर ओडिशा में भी 'खेलेगा ओडिशा-जीतेगा ओडिशा' अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के हर क्षेत्र से खेल प्रतिभाओं को सामने लाना है, ताकि गांवों और छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
भुवनेश्वर के पास बनेगा हाईटेक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
CM माझी ने कहा कि विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भुवनेश्वर के आसपास हाईटेक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के जरिए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर ओडिशा सरकार ने बीजू पटनायक खेल और बहादुरी पुरस्कार से कई प्रतिभावान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और साहसिक कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों ने देश और दुनिया में ओडिशा का नाम रोशन किया है। सरकार का प्रयास है कि नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें जरूरी सुविधाएं दी जाएं।
उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य बनाने का जरिया भी हैं।





