
Odisha ओडिशा: दुनिया के सबसे बड़े सीटिंग हॉकी स्टेडियमों में शामिल बिरसा मुंडा इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम के आसपास बने पार्किंग क्षेत्र अब गंभीर नागरिक समस्या का कारण बनते जा रहे हैं। 2023 एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के लिए विकसित किए गए ये पार्किंग ज़ोन अब रखरखाव और उपयोग की कमी के चलते कचरा डंपिंग स्पॉट में तब्दील होते नजर आ रहे हैं।
यह स्टेडियम, जिसने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपनी जगह बनाई और राउरकेला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, अब अपनी ही बुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा को लेकर चर्चा में है। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर में करीब सात डेडिकेटेड पार्किंग एरिया बनाए गए थे। लेकिन आयोजन समाप्त होने के बाद से इनमें से अधिकांश स्थानों का नियमित उपयोग नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन पार्किंग साइट्स की समय-समय पर सफाई और रखरखाव न होने के कारण धीरे-धीरे वहां कचरे के ढेर जमा होते गए हैं। अब स्थिति यह है कि कई स्थानों पर यह क्षेत्र अस्थायी डंपिंग यार्ड की तरह इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
विशेष रूप से स्टेडियम के गेट नंबर 6 के पास, एयरपोर्ट के सामने स्थित पार्किंग क्षेत्र और अन्य कई स्थानों पर गंदगी का अंबार देखा जा सकता है। हालांकि, सबसे गंभीर स्थिति प्रधानपाली के पास स्थित पार्किंग ज़ोन नंबर 7 की बताई जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर कचरा जमा हो चुका है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में पानी भर जाने से हालात और खराब हो गए हैं, जिससे वहां छोटे-छोटे तालाब जैसी स्थिति बन गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा होने के बावजूद प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उनका आरोप है कि इन क्षेत्रों को टूर्नामेंट के बाद से ही अनदेखा किया गया, जिससे साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है।
इस स्थिति ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था और नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र ने राउरकेला को वैश्विक पहचान दिलाई, उसी के आसपास इस तरह की अव्यवस्था शहर की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े खेल आयोजनों के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर का सही उपयोग और रखरखाव बेहद जरूरी होता है, ताकि ऐसी सुविधाएं लंबे समय तक उपयोगी बनी रहें। नियमित निगरानी और प्रबंधन के अभाव में इस तरह की समस्याएं बढ़ती हैं।
फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन से इन पार्किंग स्थलों की तुरंत सफाई और पुनर्विकास की मांग कर रहे हैं, ताकि इन्हें फिर से उपयोगी बनाया जा सके और शहर की स्वच्छता और प्रतिष्ठा दोनों को बहाल किया जा सके।





