ओडिशा

AB-PMJAY-GJAY पर ओडिशा का सख्त निर्देश

Kavita2
7 Jun 2026 9:43 AM IST
AB-PMJAY-GJAY पर ओडिशा का सख्त निर्देश
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Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने शनिवार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना–गोपबंधु जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY-GJAY) के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों को सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि अस्पताल लाभार्थियों से भर्ती से पहले और बाद में होने वाली डायग्नोस्टिक जांच और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क न लें। यह निर्देश योजना के नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

स्टेट हेल्थ एश्योरेंस सोसाइटी की सीईओ ब्रुंधा डी द्वारा पैनल में शामिल अस्पतालों को भेजे गए पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि सभी संस्थानों को योजना की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि पैकेज कॉस्ट के तहत आने वाली सेवाओं के लिए किसी भी तरह का अलग से शुल्क वसूलना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे मामलों में संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार, लाभार्थी के अस्पताल में भर्ती होने से पहले के तीन दिनों तक की कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स और दवाओं पर होने वाला खर्च भी पैकेज कॉस्ट में शामिल होता है। यह प्रावधान तभी लागू होता है जब ये सभी सेवाएं उसी अस्पताल में ली गई हों, जहां योजना के तहत इलाज शुरू किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करना और पारदर्शी इलाज प्रणाली सुनिश्चित करना है।

इसी तरह, अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद 15 दिनों तक की अवधि में होने वाले कंसल्टेशन, दवाओं, डायग्नोस्टिक्स और ऑपरेशन के बाद की देखभाल का खर्च भी पैकेज कॉस्ट में शामिल माना जाएगा। इस दौरान अस्पताल की जिम्मेदारी होगी कि वह लाभार्थी को आवश्यक सभी दवाएं और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराए, ताकि मरीज को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस और परेशानी मुक्त इलाज उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि अस्पताल अतिरिक्त शुल्क लेते हैं तो यह योजना के मूल उद्देश्य के खिलाफ होगा। इसलिए सरकार ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं।

सीईओ ब्रुंधा डी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि सभी पैनल अस्पतालों को मरीजों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अस्पतालों की पैनल में भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस निर्देश के बाद राज्य में योजना के तहत इलाज करने वाले अस्पतालों पर निगरानी और कड़ी होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के बेहतर इलाज मिल सकेगा।

कुल मिलाकर, ओडिशा सरकार की यह सख्त चेतावनी स्वास्थ्य योजना के सही क्रियान्वयन और मरीजों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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