ओडिशा

रथ यात्रा से पहले पुरी बना नो-फ्लाई ज़ोन, 16 से 27 जुलाई तक ड्रोन उड़ाने पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

Kavita2
10 July 2026 9:35 AM IST
रथ यात्रा से पहले पुरी बना नो-फ्लाई ज़ोन, 16 से 27 जुलाई तक ड्रोन उड़ाने पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
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Odisha ओडिशा: भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के मद्देनज़र ओडिशा के पुरी शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने पुरी शहर और उसके आसपास पांच किलोमीटर के दायरे को 16 जुलाई से 27 जुलाई तक नो-फ्लाई ज़ोन घोषित कर दिया है। इस अवधि के दौरान बिना अनुमति किसी भी ड्रोन या अन्य मानव रहित विमान (यूएएस) के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

इस संबंध में पुरी के कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट दिव्यज्योति परिदा ने शुक्रवार को आधिकारिक आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने यह एहतियाती कदम उठाया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, रथ यात्रा देश और दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं। इतनी बड़ी भीड़ के बीच किसी भी प्रकार के सुरक्षा जोखिम से बचने के लिए हवाई गतिविधियों पर नियंत्रण आवश्यक माना गया है।

आदेश में कहा गया है कि वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों और बिना अनुमति संचालित किए जाने वाले अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (UAS) तथा ड्रोन से संभावित खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि अनधिकृत ड्रोन उड़ानें सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दुर्घटना या अन्य जोखिम पैदा कर सकती हैं।

जारी अधिसूचना के मुताबिक, 16 जुलाई से 27 जुलाई तक अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के ड्रोन, यूएएस या अन्य मानव रहित उड़ान उपकरण का संचालन, उड़ान भरना या लॉन्च करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध पुरी शहर और उसके चारों ओर पांच किलोमीटर के दायरे में प्रभावी रहेगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंध के बावजूद ड्रोन या अन्य मानव रहित विमान उड़ाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 (BNSS), एयरक्राफ्ट एक्ट-1934, एयरक्राफ्ट रूल्स-1937 और ड्रोन रूल्स-2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर ड्रोन जब्त करने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध उन ड्रोन पर लागू नहीं होगा, जिनका संचालन अधिकृत सरकारी एजेंसियों द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए किया जाएगा। इनमें हवाई निगरानी, सुरक्षा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, हवाई फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, मैपिंग, दस्तावेजीकरण, आपदा प्रबंधन तथा अन्य सरकारी कार्य शामिल हैं।

रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक तकनीक का उपयोग करेंगी। अधिकृत ड्रोन के माध्यम से भीड़ की निगरानी, यातायात प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति पर तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए जा रहे हैं। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही तैयार की जा रही है।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, पर्यटकों, ड्रोन ऑपरेटरों, फोटोग्राफरों और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की है कि वे जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने से बचें और किसी भी प्रकार की हवाई रिकॉर्डिंग के लिए संबंधित अधिकारियों से पूर्व अनुमति प्राप्त करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में बड़े धार्मिक आयोजनों में अनधिकृत ड्रोन के उपयोग की घटनाओं को देखते हुए देश के कई राज्यों में इसी प्रकार के सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों को भीड़ प्रबंधन और संभावित खतरों से निपटने में सुविधा मिलती है।

रथ यात्रा के दौरान पुरी में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात व्यवस्था और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करना है। नो-फ्लाई ज़ोन घोषित करने का उद्देश्य भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें और सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का विश्वास है कि सभी संबंधित विभागों और आम जनता के सहयोग से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा इस वर्ष भी सुरक्षित, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न होगी।

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