ओडिशा

भद्रक में प्रदर्शनकारियों ने रोका हाईवे पुलिस से विवाद

Ratna Netam
8 Oct 2026 3:19 PM IST
भद्रक में प्रदर्शनकारियों ने रोका हाईवे पुलिस से विवाद
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भद्रक। ओडिशा में विपक्षी INDIA गठबंधन द्वारा गुरुवार को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के दौरान भद्रक जिले में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 16 (NH-16) को जाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच मामूली झड़प हो गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और एक प्रदर्शनकारी को थाने ले जाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। भद्रक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंशुमान द्विवेदी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ने के बाद विवाद शुरू हुआ था।
ओडिशा में 8 अक्टूबर को INDIA गठबंधन में शामिल विपक्षी दलों ने विभिन्न मांगों को लेकर 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था। बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। भद्रक में भी गठबंधन के कार्यकर्ता विरोध जताने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों के सड़क पर बैठने और रास्ता रोकने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया।जानकारी के अनुसार, भद्रक में प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच कहासुनी शुरू हुई। भद्रक के एडिशनल एसपी अंशुमान द्विवेदी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने कथित रूप से पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ लिया था। इसी घटना के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मामूली झड़प हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए एक प्रदर्शनकारी को थाने ले जाया गया, जिसके बाद हालात सामान्य हो गए।
राज्यव्यापी बंद के पीछे विपक्षी दलों की कई मांगें हैं। INDIA गठबंधन ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को वापस लेने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे तथा बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग उठाई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर भी विपक्ष ने विरोध जताया है।बंद के दौरान भद्रक के अलावा भुवनेश्वर, कटक, बालासोर, संबलपुर, बरगढ़, रायगढ़ा और अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किए गए। कई स्थानों पर विपक्षी कार्यकर्ताओं ने प्रमुख सड़कों और चौराहों पर पहुंचकर यातायात रोकने का प्रयास किया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया। बंद के कारण कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं। बसों, ऑटो रिक्शा और अन्य वाहनों का संचालन बाधित होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
भद्रक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 16 पर प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यह मार्ग राज्य के प्रमुख परिवहन मार्गों में शामिल है। राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सड़क पर उत्पन्न तनाव को नियंत्रित करने की रही।एडिशनल एसपी अंशुमान द्विवेदी के बयान के अनुसार, झड़प की शुरुआत एक प्रदर्शनकारी द्वारा पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ने की कथित घटना से हुई। हालांकि, घटना में शामिल व्यक्ति की पहचान, उसके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने या अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि एक प्रदर्शनकारी को थाने ले जाने के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई।
ओडिशा बंद को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए थे। गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय करने को कहा था। निर्देशों में प्रदर्शन, सड़क जाम, रैलियों और विभिन्न प्रतिष्ठानों को बंद कराए जाने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निगरानी रखने पर जोर दिया गया था।राज्य के विभिन्न हिस्सों में बंद का असर बाजारों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी दिखाई दिया। कुछ क्षेत्रों में दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने के कारण दैनिक यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर में भी विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़कें अवरुद्ध कीं। राजधानी के कई इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।
इस बीच भद्रक में हुई झड़प ने बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती को सामने रखा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन के माध्यम से मांगें उठाना राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध होने और पुलिसकर्मियों के साथ विवाद की घटनाओं से आम नागरिकों की परेशानी बढ़ सकती है।प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने पर जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भद्रक में उत्पन्न तनाव को नियंत्रित कर लिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झड़प मामूली थी और एक प्रदर्शनकारी को थाने ले जाने के बाद स्थिति संभल गई।ओडिशा में गुरुवार को हुए इस बंद के माध्यम से विपक्षी दलों ने अपनी मांगों को लेकर राज्यव्यापी विरोध दर्ज कराया। वहीं, भद्रक में NH-16 जाम और पुलिस के साथ हुई झड़प इस आंदोलन की प्रमुख घटनाओं में शामिल रही। इस मामले में पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, विवाद का तत्काल कारण एक पुलिसकर्मी के साथ कथित बदसलूकी थी। फिलहाल उपलब्ध विवरण में किसी गंभीर चोट या व्यापक हिंसा की पुष्टि नहीं हुई है।
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