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भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के चंदाका इलाके के पास पुलिस और रेप के एक आरोपी के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने की कोशिश के दौरान आरोपी ने एक पुलिस अधिकारी पर हिंसक हमला कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई। गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगी। घायल अवस्था में उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए भुवनेश्वर के कैपिटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 24 वर्षीय संतोष उर्फ श्रीधर पांडा के रूप में हुई है। वह मूल रूप से गंजाम जिले के जगन्नाथ प्रसाद इलाके का रहने वाला बताया गया है और वर्तमान में भुवनेश्वर के मंचेश्वर क्षेत्र के चाकेसियानी गांव में रह रहा था। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी तक पहुंचने के लिए जांच टीमों को कई दिनों तक लगातार तकनीकी और मैदानी स्तर पर काम करना पड़ा।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने का अभियान आसान नहीं था। उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए अलग-अलग इलाकों में लगे 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच अधिकारियों ने कैमरों में रिकॉर्ड संदिग्ध गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन किया। इसके साथ ही तकनीकी डेटा की भी जांच की गई, ताकि आरोपी की लोकेशन और उसकी आवाजाही से जुड़ी जानकारी हासिल की जा सके।
कई दिनों तक चली जांच के बाद स्पेशल स्क्वाड को आरोपी की लोकेशन के संबंध में अहम जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम ने उसे पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया। पुलिस के अनुसार, चंदाका के पास आरोपी को घेर लिया गया। जब पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में लेने की कोशिश की तो उसने गिरफ्तारी से बचने का प्रयास किया।
पुलिस का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिस अधिकारी पर हिंसक हमला कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से गोली चलाई गई, जो आरोपी के दाहिने पैर में लगी। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए कैपिटल हॉस्पिटल पहुंचाया गया।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई की। आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले के साथ ही मुठभेड़ से जुड़ी परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने किस तरह पुलिस अधिकारी पर हमला किया और घटनाक्रम किस क्रम में आगे बढ़ा।
इस मामले में पुलिस की जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा CCTV फुटेज और तकनीकी डेटा बताया जा रहा है। आरोपी की तलाश में 300 से ज्यादा कैमरों की रिकॉर्डिंग देखना जांच टीम के लिए बड़ी चुनौती थी। अलग-अलग स्थानों से मिली फुटेज को जोड़कर उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की गई। इसके बाद स्पेशल स्क्वाड को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। उसके ठहरने के स्थान, हाल के दिनों में उसकी गतिविधियों और संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। मामले में उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को इलाज के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। उसकी चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिस मामले में उसकी तलाश की जा रही थी, उससे जुड़े साक्ष्यों और अन्य तथ्यों को भी जांच टीम द्वारा एकत्र किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर अपराध के मामलों की जांच में CCTV और तकनीकी निगरानी की अहमियत को सामने रखा है। शहर में अलग-अलग स्थानों पर लगे कैमरों की मदद से पुलिस किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों और आवाजाही की कड़ियां जोड़ सकती है। इस मामले में भी सैकड़ों कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस आरोपी की लोकेशन तक पहुंचने का दावा कर रही है।
फिलहाल घायल आरोपी का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस की ओर से मामले की आगे की जांच की जा रही है। मुठभेड़ और आरोपी द्वारा पुलिस अधिकारी पर किए गए कथित हमले से संबंधित विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद और स्पष्ट हो सकती है।
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