ओडिशा

Odisha का नया किराया कानून: लिखित एग्रीमेंट अनिवार्य करने का प्रस्ताव

Kavita2
14 Jun 2026 10:50 AM IST
Odisha का नया किराया कानून: लिखित एग्रीमेंट अनिवार्य करने का प्रस्ताव
x

Odisha ओडिशा: सरकार ने शहरी क्षेत्रों में किरायेदारी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। हाउसिंग और शहरी विकास विभाग द्वारा ‘ओडिशा शहरी क्षेत्र किराया नियंत्रण अधिनियम, 2026’ का ड्राफ्ट तैयार किया गया है, जिसके तहत सभी रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए लिखित किरायेदारी समझौता (रेंट एग्रीमेंट) अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है।

प्रस्तावित कानून के अनुसार, किसी भी संपत्ति को बिना औपचारिक लिखित किरायेदारी समझौते के न तो किराए पर दिया जा सकेगा और न ही उस पर किसी प्रकार का कब्जा किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य इस कदम के जरिए किरायेदारी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, विवादों को कम करना और शहरी क्षेत्रों में एक अधिक जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करना है।

ड्राफ्ट कानून में यह भी प्रावधान किया गया है कि मकान मालिक और किरायेदार दोनों को समझौते के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर इसकी जानकारी संबंधित प्राधिकरण को देना अनिवार्य होगा। प्रस्ताव के अनुसार, किरायेदारी समझौते के बनने के दो महीने के भीतर मकान मालिक और किरायेदार को संयुक्त रूप से किराया प्राधिकरण (Rent Authority) और स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी को इसकी जानकारी देनी होगी।

यदि किसी कारणवश दोनों पक्ष मिलकर जानकारी नहीं दे पाते हैं, तो ऐसी स्थिति में उन्हें एक महीने के भीतर अलग-अलग निर्धारित प्रारूप में सूचना देना आवश्यक होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य किरायेदारी रिकॉर्ड को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या कानूनी जटिलता से बचा जा सके।

प्रस्तावित कानून में एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का भी प्रावधान शामिल है, जिसके माध्यम से सभी किरायेदारी समझौतों का रजिस्ट्रेशन और रिकॉर्ड मैनेजमेंट किया जाएगा। इस डिजिटल प्रणाली से न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि निगरानी और अनुपालन भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि इस तरह की डिजिटल और औपचारिक व्यवस्था से किरायेदारी बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी या विवादित मामलों में कमी आएगी। साथ ही, इससे किरायेदारों और मकान मालिकों दोनों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते किराया बाजार को देखते हुए इस तरह के कानून की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। कई बार लिखित समझौते न होने के कारण विवाद उत्पन्न होते हैं, जिनका समाधान कानूनी प्रक्रिया में काफी समय लेता है।

फिलहाल यह प्रस्तावित कानून ड्राफ्ट के चरण में है और सरकार विभिन्न हितधारकों से सुझाव लेकर इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। आने वाले समय में इसके लागू होने पर ओडिशा के शहरी किराया बाजार में बड़े बदलाव देखने की संभावना है।

Next Story