
Odisha ओडिशा: ओडिशा स्थित INS चिल्का में भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 3,011 ट्रेनी सफलतापूर्वक पास आउट हुए। इनमें 2,746 अग्निवीर शामिल थे, जिनमें 116 महिला अग्निवीर भी थीं। इसके साथ ही भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के 265 नाविकों ने भी अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली।
भारतीय नौसेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सभी ट्रेनी ने 16 सप्ताह की कठोर और अनुशासित ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की। यह प्रशिक्षण उन्हें नौसेना सेवा की चुनौतियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने के उद्देश्य से दिया गया था। इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें समुद्री सुरक्षा, अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और तकनीकी कौशल से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
नौसेना ने बताया कि 12 जून को आयोजित इस पासिंग आउट परेड ने रिक्रूट्स के एक नए सफर की शुरुआत को चिह्नित किया है। अब ये सभी ट्रेनी अनुशासित, प्रेरित और पेशेवर रूप से प्रशिक्षित कर्मियों के रूप में भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल का हिस्सा बन गए हैं। इन जवानों को अब देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और विभिन्न नौसैनिक जिम्मेदारियों के लिए तैनात किया जाएगा।
इस भव्य परेड का निरीक्षण पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उनके साथ कई वरिष्ठ नौसेना अधिकारी भी मौजूद रहे। परेड का संचालन INS चिल्का के स्टेशन कमांडर कमोडोर बी. दीपक अनिल ने किया।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित पूर्व सैनिक, वरिष्ठ अधिकारी, विशिष्ट अतिथि और पास आउट होने वाले ट्रेनी के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। परिवारजनों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया। परेड के दौरान जवानों ने अनुशासन और तालमेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित लोग उत्साहित हो उठे।
INS चिल्का को भारतीय नौसेना का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा नौसेना सेवा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यह संस्थान रिक्रूट्स को प्रारंभिक प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य की समुद्री चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
इस बार का पासिंग आउट समारोह इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में महिला अग्निवीरों ने भी सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया है, जो भारतीय नौसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
कुल मिलाकर यह आयोजन भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें नए प्रशिक्षित कर्मियों ने देश सेवा की दिशा में अपना पहला कदम बढ़ाया है।





