
भुवनेश्वर : ओडिशा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। राज्य सरकार ने देश की प्रमुख आईटी कंपनी HCLTech और स्वदेशी AI कंपनी Sarvam AI के साथ दो अहम समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
ये समझौते भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की मौजूदगी में किए गए। राज्य सरकार का कहना है कि इन साझेदारियों के माध्यम से ओडिशा में तकनीकी नवाचार, AI आधारित समाधान और डिजिटल इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।
तकनीकी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की पहल
ओडिशा सरकार लगातार राज्य को एक प्रमुख टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। HCLTech और Sarvam AI के साथ हुए समझौते इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य राज्य में आईटी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है।
इन समझौतों के जरिए राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डिजिटल सेवाओं और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में काम को गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए समझौते
दोनों कंपनियों के साथ हुए MoU पर हस्ताक्षर समारोह में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी मौजूद रहे। इस दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस पहल को ओडिशा के तकनीकी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य आधुनिक तकनीकों को अपनाकर विकास की नई संभावनाएं तलाश रहा है।
HCLTech के साथ साझेदारी
HCLTech भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक है, जो डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है।
राज्य सरकार के साथ इस साझेदारी से ओडिशा में तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और डिजिटल समाधानों को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
यह पहल राज्य के आईटी सेक्टर को विस्तार देने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकों से जोड़ने में मदद कर सकती है।
Sarvam AI के साथ AI विकास पर जोर
Sarvam AI एक भारतीय AI कंपनी है, जो देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडल और समाधान विकसित करने पर काम कर रही है।
राज्य सरकार के साथ इस समझौते का उद्देश्य AI तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना और स्थानीय जरूरतों के अनुसार डिजिटल समाधान विकसित करना है।
AI के क्षेत्र में बढ़ते वैश्विक प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार इस क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
युवाओं और स्टार्टअप को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार का मानना है कि इन साझेदारियों से युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी। AI, डेटा साइंस, सॉफ्टवेयर विकास और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
इसके अलावा, स्टार्टअप कंपनियों और नवाचार से जुड़े संस्थानों को भी नई तकनीकों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।
डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की योजना
ओडिशा सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में ऐसा माहौल तैयार किया जाए, जहां नई तकनीकों पर आधारित उद्योग विकसित हो सकें और ओडिशा राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख तकनीकी केंद्र के रूप में उभर सके।
AI के बढ़ते महत्व के बीच पहल
दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में AI आधारित समाधानों की मांग बढ़ रही है।
ऐसे समय में ओडिशा का AI और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का फैसला राज्य को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।





