ओडिशा
Odisha: वोटर लिस्ट से हटाए गए 9.8 लाख नामों की पुनः जांच का आदेश
Ratna Netam
20 April 2026 5:15 PM IST

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Bhubaneswar.भुवनेश्वर: ओडिशा में हाल ही में 9.8 लाख वोटरों के नाम वोटर सूची से हटाए जाने के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल मचा दी है। राज्य चुनाव आयोग ने इस विवाद के बीच नए सिरे से वेरिफिकेशन प्रक्रिया का आदेश दिया है ताकि सभी सही और वैध मतदाताओं को सूची में शामिल किया जा सके।
हाल ही में प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, यह नाम विभिन्न शिकायतों और दस्तावेजों के अभाव के कारण हटाए गए थे। हालांकि, कई मतदाता और राजनीतिक दलों ने इस कदम को अनावश्यक और असंगत बताते हुए चिंता व्यक्त की थी। लोगों का कहना था कि इससे चुनाव प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितता की आशंका पैदा हो सकती है।
राज्य चुनाव आयोग ने आदेश दिया है कि हटाए गए सभी मतदाताओं के कागजात और पहचान प्रमाण की समीक्षा की जाए। इसके तहत जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें पुनः आवेदन करने और अपनी जानकारी सत्यापित कराने का अवसर मिलेगा। आयोग ने कहा है कि यह कदम निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
वेरिफिकेशन प्रक्रिया में मतदाता आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण और अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके साथ ही आयोग ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला अधिकारियों और BLO (ब्लॉक लेवल अधिकारी) इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहयोग करें।
राजनीतिक दल और नागरिक समाज के संगठन इस कदम को सकारात्मक कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मतदाता सूची में गलतियों और त्रुटियों को सुधारने का मौका मिलेगा और लोगों के मत देने के अधिकार की रक्षा होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान सभी हितधारकों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या विवाद उत्पन्न न हो।
इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय पर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करें और सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें।
राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनज़र यह कदम मतदाता सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जो भी मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे, उनके नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।
इस प्रकार, ओडिशा में 9.8 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद नए सिरे से वेरिफिकेशन का आदेश लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम है।
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