
Odisha ओडिशा: राजधानी भुवनेश्वर में अब सार्वजनिक शौचालयों के इस्तेमाल के लिए लोगों को शुल्क देना होगा। भुवनेश्वर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने कोविड-19 महामारी के दौरान बंद किए गए पब्लिक टॉयलेट यूजर चार्ज को दोबारा लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत शहर के सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल करने वाले लोगों से हर बार उपयोग पर 5 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
नगर निगम का कहना है कि यह फैसला सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं के बेहतर रखरखाव, सफाई व्यवस्था और लंबे समय तक इनके सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह कदम हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें शहरी स्थानीय निकायों को सैनिटेशन सुविधाओं के लिए यूजर फीस दोबारा शुरू करने की सलाह दी गई थी।
BMC के अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था को शुरुआत में एक महीने के ट्रायल आधार पर लागू किया जाएगा। इस दौरान यह देखा जाएगा कि शुल्क व्यवस्था किस तरह काम करती है, लोगों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है और इससे सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव में कितना सुधार आता है। यदि व्यवस्था प्रभावी साबित होती है और लोगों को इसमें बड़ी परेशानी नहीं होती, तो इसे आगे भी जारी रखा जा सकता है।
कोरोना काल में बंद किया गया था शुल्क
कोविड-19 महामारी के दौरान संक्रमण फैलने के खतरे को कम करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर नकद लेनदेन को सीमित किया गया था। इसी वजह से पब्लिक टॉयलेट, कम्युनिटी टॉयलेट और यूरिनल जैसी सुविधाओं को लोगों के लिए निशुल्क कर दिया गया था।
महामारी के बाद से लोग इन सुविधाओं का बिना किसी शुल्क के इस्तेमाल कर रहे थे। अब नगर निगम का मानना है कि नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता, कर्मचारियों की तैनाती और मरम्मत जैसे कार्यों के लिए स्थायी वित्तीय व्यवस्था जरूरी है। इसी कारण यूजर चार्ज दोबारा लागू करने का निर्णय लिया गया है।
भुवनेश्वर में हैं 100 से ज्यादा पब्लिक टॉयलेट
BMC क्षेत्र में वर्तमान में बड़ी संख्या में सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर में 109 पब्लिक टॉयलेट, 56 कम्युनिटी टॉयलेट और 18 ई-टॉयलेट संचालित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, भुवनेश्वर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) द्वारा संचालित पार्कों में भी 7 ई-टॉयलेट उपलब्ध हैं। इन सभी सुविधाओं के जरिए शहर के नागरिकों, यात्रियों और बाजारों में आने वाले लोगों को स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नगर निगम के अनुसार, पब्लिक टॉयलेट में कुल मिलाकर लगभग 710 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि कम्युनिटी टॉयलेट में उपयोगकर्ताओं के लिए करीब 1,055 सीटों की व्यवस्था है।
सैनिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी
भुवनेश्वर में सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। नगर निगम शहर में बड़ी संख्या में यूरिनल और अन्य सुविधाएं विकसित कर रहा है।
योजना के तहत कुल 152 यूरिनल बनाए जाने हैं। इनमें से 93 यूरिनल का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 10 से अधिक यूरिनल आम लोगों के उपयोग के लिए खोले जा चुके हैं। बाकी सुविधाओं को भी जल्द शुरू करने की तैयारी है।
इसके अलावा, 69 यूरिनल और 6 नए पब्लिक टॉयलेट अभी निर्माणाधीन हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद शहर में सार्वजनिक स्वच्छता ढांचे को और मजबूती मिलेगी।
रखरखाव के लिए जरूरी है शुल्क: BMC
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक शौचालयों को साफ-सुथरा रखने के लिए नियमित खर्च की आवश्यकता होती है। इसमें सफाई कर्मचारियों का वेतन, पानी की व्यवस्था, बिजली, सैनिटरी सामग्री और समय-समय पर मरम्मत जैसे खर्च शामिल हैं।
BMC का कहना है कि यूजर चार्ज से मिलने वाली राशि का उपयोग सीधे तौर पर इन सुविधाओं के रखरखाव और संचालन को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इससे लोगों को अधिक साफ और सुविधाजनक सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध हो सकेंगे।
लोगों की प्रतिक्रिया पर रहेगी नजर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगम लोगों की प्रतिक्रिया पर भी नजर रखेगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि लोगों को कोई समस्या आती है तो आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
नगर निगम यह भी सुनिश्चित करेगा कि शुल्क वसूली की प्रक्रिया पारदर्शी हो और लोगों को निर्धारित सुविधा के अनुसार बेहतर सेवा मिले। इसके लिए संबंधित एजेंसियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
स्वच्छ शहर की दिशा में कदम
भुवनेश्वर देश के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनके रखरखाव पर ध्यान देना भी नगर निगम की प्राथमिकता है।
BMC का मानना है कि यूजर चार्ज लागू करने से जहां एक ओर सुविधाओं का संचालन अधिक टिकाऊ बनेगा, वहीं दूसरी ओर नागरिकों को भी बेहतर स्वच्छता सेवाएं मिल सकेंगी।
फिलहाल नई शुल्क व्यवस्था को सीमित अवधि के लिए लागू करने की तैयारी है। एक महीने के परीक्षण के बाद इसके प्रभाव और लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।





