
Odisha ओडिशा : विधानसभा में आधी रात को बड़ा ड्रामा हुआ। निलंबित कांग्रेस के 12 विधायकों ने सदन छोड़ने से इनकार कर दिया। स्पीकर सुरमापधी के उन्हें बाहर भेजने के आदेश पर मार्शलों ने रात एक बजे प्रदर्शन कर रहे सदस्यों को बाहर निकालने की कोशिश की। इनकार करने वाले सदस्यों की मार्शलों से बहस हो गई। हाथापाई हो गई। बाद में कांग्रेस विधायकों को रात दो बजे जबरन बाहर निकाला गया और वाहनों में बिठाया गया। उन्हें कांग्रेस भवन लाकर छोड़ दिया गया। बाद में वे सभी पदयात्रा करते हुए विधानसभा के सामने मास्टर कैंटीन चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने बुधवार सुबह तीन बजे मुख्य सड़क पर धरना दिया। बाद में वे सो गए।
यह ड्रामा बुधवार सुबह आठ बजे तक चलता रहा। उनके समर्थन में कांग्रेस नेताओं ने यहां अनशन शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता तारा प्रसाद वाहिनीपति ने बुधवार सुबह पत्रकारों को बताया कि सदन में मौन धरना दे रहे कांग्रेस विधायकों पर आधी रात को मार्शलों ने हमला किया। उन्होंने कहा कि उनकी गर्दन मरोड़कर उन्हें घसीटकर बाहर निकाला गया और इस हाथापाई में कांग्रेस लोकसभा पार्टी (सीएलपी) के नेता रामचंद्र कदम घायल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर सुरमापधी ने लोकतंत्र की हत्या की है और उनके आदेश पर सुरक्षाकर्मियों ने गली के गुंडों की तरह काम किया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता भक्तचरणदास, जयदेव जेना, निरंजन पटनायक, नरसिंह मिश्रा और शरत राउत, जिन्होंने रात में सदन में प्रदर्शनकारियों से मिलने की कोशिश की, उन्हें पुलिस ने नहीं जाने दिया। बुधवार सुबह मास्टर कैंटीन में बैठे कांग्रेस सदस्यों की डॉक्टरों ने मेडिकल जांच की।





