ओडिशा खरीफ़ धान बिक्री: 2026-27 में खरीद के लिए 94,657 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया

Odisha : ओडिशा सरकार ने 2026-27 सीज़न के लिए खरीफ धान की खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि रजिस्ट्रेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से किसानों को अपनी उपज बेचने के मौके से वंचित नहीं किया जाएगा। डिप्टी सीएम और कृषि एवं किसान सशक्तिकरण मंत्री कनक वर्धन सिंह देव की अध्यक्षता में अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक में किसानों के रजिस्ट्रेशन और धान की खरीद की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, खाद्य आपूर्ति मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा, पंचायती राज मंत्री रबी नाइक और सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत शामिल हुए।
समीक्षा में एक अहम बात यह सामने आई कि मौजूदा खरीद सीज़न के लिए एग्रीस्टैक (Agristack) प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है। किसान प्राइमरी एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ (PACS), कॉमन सर्विस सेंटर्स या अन्य सहायता प्राप्त तरीकों से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।रजिस्ट्रेशन की सुविधा अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी, जिससे किसानों को ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। सरकार ने कहा कि रजिस्ट्रेशन से जुड़ी दिक्कतों के कारण किसी भी पात्र किसान को धान की खरीद प्रक्रिया में भाग लेने से नहीं रोका जाएगा।
खरीफ 2026-27 के लिए अब तक 94,657 किसानों ने अपना धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक सबसे ज़्यादा रजिस्ट्रेशन बालेश्वर ज़िले में हुए हैं।सरकार सब-डिविजन और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान भी चला रही है। इन प्रयासों का मकसद किसानों को उनके आवेदन पूरे करने में मदद करना और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करना है।एग्रीस्टैक को किसानों की जानकारी को एक कॉमन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने और सरकारी लाभों तक आसान पहुंच बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस सिस्टम के तहत अब तक 6 लाख से ज़्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
अधिकारी बटाईदार किसानों (sharecroppers) के लिए अलग से गाइडलाइंस पर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित फ्रेमवर्क का मकसद रजिस्ट्रेशन और खरीद प्रक्रिया के दौरान उन्हें होने वाली खास दिक्कतों का समाधान करना है।समिति ने पिछले रबी 2025-26 खरीद सीज़न के नतीजों की भी समीक्षा की। उस दौरान, राज्य ने 3.63 लाख किसानों से 20.46 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की थी, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और इनपुट सहायता के तौर पर 4,844 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।
ताज़ा समीक्षा में कृषि, खाद्य आपूर्ति, सहकारिता और राजस्व विभागों के बीच तालमेल पर ज़ोर दिया गया, क्योंकि राज्य अब अगले खरीद चक्र की ओर बढ़ रहा है। सरकार ने फिर से कहा है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और बिना किसी गैर-ज़रूरी रुकावट के होनी चाहिए, और रजिस्ट्रेशन में मदद चाहने वाले किसानों को सहायता मिलनी चाहिए।
जागरूकता अभियान पहले से ही चल रहे हैं और रजिस्ट्रेशन की अवधि अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है, इसलिए प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि रजिस्ट्रेशन खरीफ़ धान की खरीद में शामिल होने में कोई बाधा न बने।





