
Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री बस सेवा (MBS) के तहत चल रही LAccMI बस योजना और अमा बस स्टैंड योजना का विस्तृत पुनर्मूल्यांकन शुरू कर दिया है। यह कदम अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट-II), ओडिशा द्वारा उठाए गए कई ऑडिट आपत्तियों के बाद उठाया गया है।
ऑडिट रिपोर्ट में इन योजनाओं के तहत फंड के उपयोग, यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (UCs) जमा करने की प्रक्रिया, कंसल्टेंट की नियुक्ति और फ्री बस यात्रा सुविधाओं के क्रियान्वयन से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं। इसके बाद Commerce and Transport Department ने इन सभी बिंदुओं की जांच शुरू कर दी है।
ऑडिट ऑब्जर्वेशन के अनुसार, वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच LAccMI/MBS स्कीम के लिए लगभग 2,806 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया गया था। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि हर वित्तीय वर्ष के अंत में जारी किए गए फंड का एक बड़ा हिस्सा बिना उपयोग के रह गया।
आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 में 153.56 करोड़ रुपये, 2024-25 में 369.18 करोड़ रुपये और 2025-26 में 478.36 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए। इस तरह बड़ी राशि का उपयोग समय पर न हो पाने पर प्रशासनिक प्रक्रिया और कार्यान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
LAccMI बस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सस्ती और सुलभ बस सेवा उपलब्ध कराना है, जबकि अमा बस स्टैंड योजना के तहत बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विकास पर काम किया जा रहा है।
ऑडिट रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कुछ पहलुओं को और मजबूत करने की जरूरत है। खासकर फंड उपयोग और रिपोर्टिंग प्रक्रिया में देरी को लेकर चिंता जताई गई है।
राज्य सरकार ने इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे सभी आपत्तियों की विस्तृत जांच करें और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं। साथ ही, भविष्य में फंड उपयोग और मॉनिटरिंग सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस समीक्षा का उद्देश्य योजनाओं को बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करना है ताकि जनता को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकें।
कुल मिलाकर, ऑडिट आपत्तियों के बाद शुरू हुआ यह रिव्यू ओडिशा की सार्वजनिक परिवहन योजनाओं में वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





