ओडिशा

Odisha: बाल तस्करी रोकने के लिए भविष्य में कड़ी निगरानी का आश्वासन

Payal
27 April 2026 7:31 PM IST
Odisha: बाल तस्करी रोकने के लिए भविष्य में कड़ी निगरानी का आश्वासन
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Bhubaneswar.भुवनेश्वर: मलकानगिरी जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बाल तस्करी के संदिग्ध मामले का खुलासा किया और 15 नाबालिगों को सुरक्षित बचाया। यह घटना स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तत्परता की मिसाल मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ व्यक्तियों द्वारा बच्चों को अवैध रूप से तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने संदिग्धों का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया और बच्चों को उनके कब्जे से मुक्त कराया। इस दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा की सूचना नहीं है और सभी नाबालिग सुरक्षित हैं।
बचाए गए बच्चों की उम्र 6 से 16 साल के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि बच्चे विभिन्न राज्यों और जिलों से लाए जा रहे थे और उन्हें रोजगार, शिक्षा या अन्य लालच के बहाने बहकाया जा रहा था। प्राथमिक जांच में पता चला कि बच्चों को गलत तरीके से रोजगार पर लगाने, पारिवारिक जिम्मेदारियों में मजबूर करने और अन्य अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करने की योजना थी।
जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें तुरंत बाल
कल्याण समिति
के हवाले किया गया है। बच्चों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जांचने के लिए विशेष चिकित्सक और मनोवैज्ञानिक को बुलाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रखा जाएगा और उन्हें परिवार से मिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस मामले में गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह एक संगठित बाल तस्करी नेटवर्क हो सकता है, जिसमें कई अन्य सदस्य शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने बताया कि पूरे नेटवर्क का पता लगाने और सभी दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और समाज के लोग इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना यह दिखाती है कि बाल तस्करी जैसी गंभीर समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत है। प्रशासन ने भी बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में और कड़ी निगरानी रखने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाल तस्करी केवल अपराध नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में समय पर सूचना, पुलिस कार्रवाई और सामुदायिक सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्रवाई की प्रशंसा की है और सभी राज्य और जिला प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए और कठोर कदम उठाए जाएँ।
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