ओडिशा

Odisha : रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने पहुंची विजिलेंस टीम को देखकर भागा ASI

Kavita2
11 July 2026 10:02 AM IST
Odisha : रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने पहुंची विजिलेंस टीम को देखकर भागा ASI
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भुवनेश्वर : ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच खोरधा जिले के नचुनी पुलिस स्टेशन में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। ओडिशा विजिलेंस ने नचुनी थाने के ASI अक्षय कुमार सेठी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने जमीन विवाद के एक मामले को पुलिस स्तर पर निपटाने के बदले शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी और राशि लेने के बाद विजिलेंस टीम को देखकर मौके से फरार हो गए।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 10 जुलाई की देर रात की है। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने पूरी योजना के साथ कार्रवाई की थी। टीम कथित रिश्वत लेन-देन के दौरान आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए मौके पर मौजूद थी। लेकिन जैसे ही ASI अक्षय कुमार सेठी को विजिलेंस अधिकारियों की मौजूदगी का आभास हुआ, वह कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेकर अपनी मोटरसाइकिल से वहां से भाग निकले।

विजिलेंस विभाग ने इस मामले में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश भी की जा रही है।

जमीन विवाद से जुड़ा है मामला

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 5 जुलाई 2026 को नचुनी पुलिस थाने में जमीन विवाद को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसी दिन दूसरे पक्ष ने भी इस मामले में एक काउंटर केस दर्ज कराया। दोनों मामलों की जांच की जिम्मेदारी ASI अक्षय कुमार सेठी को सौंपी गई थी।

जांच के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत के जरिए समझौता हो गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि समझौता होने के बाद भी ASI ने मामला थाने के स्तर पर समाप्त करने और अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए दोनों पक्षों से 10,000 रुपये की मांग की। आरोप है कि उन्होंने प्रत्येक पक्ष से 5,000-5,000 रुपये देने को कहा।

जल्दी निपटारे के नाम पर मांगी रिश्वत

शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को बताया कि उसे जल्द ही अपने कार्यस्थल लौटना था, जो ओडिशा के बाहर स्थित है। इसलिए उसने ASI से अनुरोध किया कि मामले का जल्द निपटारा कर दिया जाए ताकि उसे बार-बार थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।

आरोप है कि ASI सेठी ने शिकायतकर्ता से कहा कि वह 10 जुलाई को 5,000 रुपये नकद और एक शपथपत्र (एफिडेविट) लेकर आए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राशि मिलने के बाद मामला पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और आगे कोई परेशानी नहीं होगी।

विजिलेंस ने बिछाया जाल

शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत की मांग की जानकारी ओडिशा विजिलेंस को दी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने एक विशेष टीम गठित कर ट्रैप की योजना बनाई।

निर्धारित समय पर शिकायतकर्ता आरोपी ASI से मिलने पहुंचा। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की राशि सौंपी गई, विजिलेंस टीम ने कार्रवाई शुरू की। लेकिन अधिकारियों के अनुसार, ASI को टीम की मौजूदगी का पता चल गया और वह नकदी लेकर अपनी मोटरसाइकिल से भाग निकला।

आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही मामले से जुड़े सभी साक्ष्य और दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं।

जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया था या यह कोई अकेली घटना थी। आवश्यक होने पर उसके वित्तीय लेन-देन और सेवा रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती

ओडिशा सरकार और विजिलेंस विभाग लगातार सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चला रहे हैं। रिश्वत मांगने या लेने की शिकायत मिलने पर ट्रैप कार्रवाई की जाती है और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।

विजिलेंस विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। विजिलेंस टीम आरोपी ASI की तलाश में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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