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ओडिशा कैडर के एक और युवा IPS अधिकारी का इस्तीफा

Kavita2
11 July 2026 9:09 AM IST
ओडिशा कैडर के एक और युवा IPS अधिकारी का इस्तीफा
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भुवनेश्वर : ओडिशा कैडर में युवा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के लगातार इस्तीफे का सिलसिला चर्चा का विषय बन गया है। भुवनेश्वर के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) जगमोहन मीणा के इस्तीफे के महज एक सप्ताह बाद अब 2025 बैच के IPS प्रोबेशनर सी.ए. रामदास ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लगातार दो युवा अधिकारियों के सेवा छोड़ने की घटनाओं ने प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है।

जानकारी के अनुसार, सी.ए. रामदास इस समय हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। उन्होंने प्रशिक्षण के पहले चरण के दौरान ही अपना इस्तीफा सौंप दिया। खास बात यह है कि उन्होंने अभी तक फील्ड पोस्टिंग नहीं संभाली थी और न ही ओडिशा में किसी जिले या इकाई में सेवा शुरू की थी।

सी.ए. रामदास महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 33 वर्ष बताई जा रही है। उन्होंने हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जिसके बाद उन्हें ओडिशा कैडर आवंटित किया गया था। वर्तमान में वे आईपीएस प्रशिक्षण के प्रारंभिक चरण में थे, जहां अधिकारियों को पुलिस सेवा की बुनियादी ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही उन्हें राज्य में फील्ड ट्रेनिंग और विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जानी थीं।

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) वाई.बी. खुरानिया ने सी.ए. रामदास के इस्तीफे की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारी के इस फैसले के पीछे की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। अभी तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों, करियर विकल्पों या किसी अन्य वजह से सेवा छोड़ने का निर्णय लिया।

रामदास का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब हाल ही में भुवनेश्वर के तत्कालीन डीसीपी जगमोहन मीणा ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया था। लगातार दो युवा आईपीएस अधिकारियों के इस्तीफे ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि दोनों मामलों के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और किसी भी प्रकार का आधिकारिक संबंध स्थापित नहीं किया गया है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय पुलिस सेवा जैसी प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सेवा में चयन के बाद प्रशिक्षण के दौरान इस्तीफा देना अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है। अधिकांश अधिकारी प्रशिक्षण पूरा कर सेवा शुरू करते हैं, जबकि कुछ मामलों में व्यक्तिगत परिस्थितियों, स्वास्थ्य संबंधी कारणों, पारिवारिक जिम्मेदारियों या अन्य पेशेवर विकल्पों के चलते अधिकारी सेवा छोड़ने का फैसला लेते हैं।

चूंकि सी.ए. रामदास ने अभी तक ओडिशा में कोई फील्ड पोस्टिंग नहीं संभाली थी, इसलिए उनके इस्तीफे का राज्य के पुलिस प्रशासन पर तत्काल संचालन संबंधी कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिर भी यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने आईपीएस सेवा में प्रवेश के शुरुआती चरण में ही पद छोड़ने का निर्णय लिया।

सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी देश के सभी नवचयनित आईपीएस अधिकारियों को प्रशिक्षण देने वाली प्रमुख संस्था है। यहां अधिकारियों को कानून-व्यवस्था, अपराध जांच, नेतृत्व, सामुदायिक पुलिसिंग, मानवाधिकार, साइबर अपराध, आंतरिक सुरक्षा और शारीरिक प्रशिक्षण सहित विभिन्न विषयों का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अधिकारियों को उनके आवंटित राज्यों में फील्ड प्रशिक्षण और बाद में नियमित नियुक्ति दी जाती है।

फिलहाल सी.ए. रामदास के इस्तीफे पर राज्य सरकार या केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनका इस्तीफा अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया गया है या प्रक्रिया अभी जारी है। आम तौर पर अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के इस्तीफे पर संबंधित औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाता है।

प्रशासनिक हलकों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि हाल के वर्षों में कुछ युवा अधिकारी विभिन्न कारणों से वैकल्पिक करियर, निजी क्षेत्र, उच्च शिक्षा या व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के चलते सरकारी सेवाओं से इस्तीफा देने का निर्णय ले रहे हैं। हालांकि प्रत्येक मामला अलग होता है और उसके कारण भी भिन्न हो सकते हैं।

फिलहाल ओडिशा पुलिस ने केवल इतना पुष्टि की है कि 2025 बैच के आईपीएस प्रोबेशनर सी.ए. रामदास ने प्रशिक्षण के दौरान अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके इस निर्णय के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार है। वहीं, लगातार दो युवा अधिकारियों के इस्तीफे ने ओडिशा कैडर में इस विषय को चर्चा का केंद्र बना दिया है।

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