ओडिशा

Odisha: पुलिस हिरासत से फरार आरोपी दबोचा गया

Kavita2
10 July 2026 10:59 AM IST
Odisha: पुलिस हिरासत से फरार आरोपी दबोचा गया
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Odisha ओडिशा: झारसुगुड़ा जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के एक मामले में पिछले 28 साल से फरार चल रहे आरोपी नीलमणि महानंद (51) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 1998 में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था और तभी से अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहा था।

पुलिस के अनुसार, रेंगाली थाना क्षेत्र के भुंडुपाली गांव निवासी नीलमणि महानंद को एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला वर्ष 1998 का है, जब पुरानी रंजिश के चलते दुर्योधन दीप नामक व्यक्ति की कथित रूप से हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।

जानकारी के मुताबिक, 9 अक्टूबर 1998 को दुर्योधन दीप पर हमला किया गया था। पुलिस का कहना है कि उस समय वह कथित तौर पर शराब के नशे में था। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुरानी दुश्मनी के चलते उस पर हमला किया, जिसमें उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद मृतक के बेटे की शिकायत के आधार पर रेंगाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान नीलमणि महानंद, राम खड़िया और लेची उर्फ बिश्वनाथ कहार को हत्या मामले में मुख्य आरोपी बनाया था।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने नीलमणि महानंद को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, पुलिस हिरासत में रहने के दौरान वह एक मौका पाकर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शौचालय जाने की अनुमति मांगी थी और इसी दौरान कथित रूप से रेंगाली पुलिस स्टेशन से भाग निकला।

आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। करीब तीन दशक तक वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। इस दौरान उसने अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर रहने की कोशिश की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में उन्हें आरोपी के छत्तीसगढ़ के रायगढ़ क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि करने के बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और नीलमणि महानंद को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पुराने मामलों में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

28 साल पुराने मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से फरार रहने के बावजूद आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और मामले की सुनवाई अदालत में होगी।

इस बीच, पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी कहां-कहां रहा और क्या उसने किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में भी भाग लिया था। इसके अलावा उसके संपर्कों और पिछले 28 वर्षों की गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हत्या मामले में शामिल अन्य आरोपी राम खड़िया और लेची उर्फ बिश्वनाथ कहार को बाद में जमानत मिल गई थी। लेकिन नीलमणि महानंद के फरार होने के कारण मामले की कार्रवाई लंबे समय तक अधूरी रही।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने लंबे समय बाद आरोपी की गिरफ्तारी से पुराने मामले में न्याय की उम्मीद बढ़ी है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून से बचकर लंबे समय तक छिपे रहने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

झारसुगुड़ा पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं और उसके फरार रहने के दौरान की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से मामले में कुछ नई जानकारियां भी सामने आ सकती हैं।

28 साल पुराने हत्या मामले में हुई इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि समय कितना भी बीत जाए, गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार प्रयास करती रहती है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।

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