
Odisha ओडिशा: जाजपुर ज़िले के दशरथपुर ब्लॉक के अंतर्गत जयंतारा पंचायत के चंदुकुडा गांव में एक घर के बेडरूम से कोबरा के 23 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल फैल गया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला सोमवार शाम तब सामने आया जब गौरंग जेना ने अपने बेडरूम में एक छोटा सांप रेंगते हुए देखा। उन्होंने जब उसे भगाने की कोशिश की तो सांप ने फन फैलाकर हमला करने का प्रयास किया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने कमरे की तलाशी ली, जिसमें उन्हें घर के अंदर और भी सांपों की मौजूदगी का शक हुआ।
घबराए परिवार ने तुरंत राज्य की ‘स्नेक हेल्पलाइन’ के समन्वयक प्रमोद साहू को सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रमोद साहू अपने सहयोगी जहांगीर खान के साथ मौके पर पहुंचे और घर की पूरी तरह से जांच शुरू की।
तलाशी के दौरान बेडरूम से कोबरा के 23 छोटे बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इसके साथ ही मौके से अंडों के कई छिलके भी बरामद हुए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हाल ही में ही इन अंडों से सांप के बच्चे निकले हैं।
रेस्क्यू टीम ने सभी सांपों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन पूरे गांव में डर का माहौल बना हुआ है।
स्नेक हेल्पलाइन के राज्य समन्वयक प्रमोद साहू ने बताया कि यह मौसम कोबरा के अंडों के फूटने के लिए बेहद अनुकूल होता है, इसलिए ऐसे मामलों में सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटे कोबरा भी उतने ही खतरनाक हो सकते हैं जितने बड़े सांप, क्योंकि उनका जहर जानलेवा हो सकता है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि विशेषकर मानसून के मौसम में घरों को साफ-सुथरा रखें और मच्छरदानी का उपयोग करें, ताकि सांपों के संपर्क में आने की संभावना कम हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी मामले में तुरंत विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए और खुद से सांपों को पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचित करें।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बरसात के मौसम में वन्यजीवों के घरों में घुस आने के खतरे को उजागर किया है





