
Odisha ओडिशा: ओडिशा विजिलेंस विभाग ने कालाहांडी जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कालाहांडी जिले के भवानीपटना स्थित प्रोजेक्ट डायरेक्टर (PD), वाटरशेड कार्यालय में कार्यरत MGNREGA असिस्टेंट प्रियंका जेना को 35,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह रिश्वत एक योजना लाभार्थी से ली जा रही थी, जिसके तहत एक फार्म तालाब निर्माण के लिए 2.68 लाख रुपये की राशि जारी की जानी थी।
आरोप है कि महिला अधिकारी ने इस योजना की राशि पास करने के बदले लाभार्थी से 35,000 रुपये की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, जब लाभार्थी ने रिश्वत देने से इनकार किया तो अधिकारी ने बिल पास करने से मना कर दिया और प्रक्रिया को जानबूझकर रोक दिया। इससे परेशान होकर लाभार्थी ने ओडिशा विजिलेंस विभाग से संपर्क किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले की जांच शुरू की और आरोपों की पुष्टि होने पर एक जाल बिछाया गया। योजना के तहत तय रणनीति के अनुसार, जैसे ही रिश्वत की रकम देने की प्रक्रिया पूरी हुई, विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी के पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई और उसे जब्त कर लिया गया। इसके अलावा, मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और लेनदेन की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस तरह की अन्य अनियमितताएं तो नहीं की गई हैं।
इस कार्रवाई के बाद कालाहांडी जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
MGNREGA जैसी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को बढ़ावा देना है, लेकिन इस तरह के भ्रष्टाचार के मामले योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी।
फिलहाल आरोपी महिला अधिकारी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया में है। विजिलेंस विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में यदि अन्य लोग भी शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता है ताकि लाभ सही लोगों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।





