विजिलेंस का बड़ा एक्शन OLIC JE के पास मिली 123% अधिक संपत्ति

उडाला। ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा लिफ्ट इरिगेशन कॉरपोरेशन (OLIC) के एक जूनियर इंजीनियर (JE) के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। आरोपी JE सुब्रत मोहंती पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से 123 प्रतिशत अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया गया है।
सुब्रत मोहंती वर्तमान में OLIC डिवीजन, बालेश्वर में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह मयूरभंज जिले के उडाला सब-डिवीजन में OLIC के JE के रूप में कार्यरत थे।
विजिलेंस ने दर्ज किया नया मामला
ओडिशा विजिलेंस ने इस मामले में बालेश्वर विजिलेंस पुलिस स्टेशन में केस नंबर 21, दिनांक 07 सितंबर 2026 दर्ज किया है।
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 13(2) के साथ 13(1)(b) और 12 के तहत दर्ज किया गया है। इस मामले में सुब्रत मोहंती और उनकी पत्नी को आरोपी बनाया गया है।
विजिलेंस के अनुसार, जांच में आरोपी के पास उसकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में 123 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है।
कोर्ट में पेश किया गया आरोपी
मामला दर्ज करने के बाद ओडिशा विजिलेंस ने सुब्रत मोहंती को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें बालेश्वर स्थित विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस) की अदालत में पेश किया जा रहा है।
विजिलेंस अब आरोपी की संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और अन्य स्रोतों की जांच कर रही है, ताकि कथित बेहिसाबी संपत्ति से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके।
पहले भी रिश्वत लेते पकड़े गए थे JE
सुब्रत मोहंती पर इससे पहले भी रिश्वत लेने का मामला दर्ज हो चुका है। विजिलेंस के मुताबिक, 6 जनवरी को उन्हें ट्रैप केस में गिरफ्तार किया गया था।
उस समय बालेश्वर विजिलेंस थाना केस नंबर 01/2026 के तहत कार्रवाई की गई थी। आरोप था कि उन्होंने एक ठेकेदार से 60 हजार रुपये की रिश्वत ली थी।
बताया गया कि यह रकम उनके द्वारा किए गए कार्यों के लंबित बिल जारी करने के बदले मांगी गई थी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी
ओडिशा विजिलेंस लगातार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति रखने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सुब्रत मोहंती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और पुराने रिश्वत मामले की जांच आगे जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।





