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Bhubaneswar/Koraput भुवनेश्वर/कोरापुट: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को केंद्र से राज्य में एक और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (रक्षा उपकरण बनाने वाली इकाई) लगाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य का बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने में मदद कर सकता है। उन्होंने सुनाबेड़ा में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के कोरापुट डिवीजन में आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मंच साझा करते हुए यह अनुरोध किया। माझी ने कहा, "ओडिशा में नए जमाने के उद्योग रक्षा उपकरणों के निर्माण में मदद करेंगे।" उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक क्रांति चल रही है, जिससे मेटल से लेकर सेमीकंडक्टर तक के क्षेत्रों में एक मजबूत इकोसिस्टम बन रहा है।
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा को एक प्रमुख औद्योगिक और रक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। माझी ने कहा कि HAL कोरापुट डिवीजन ने पिछले छह दशकों में राष्ट्रीय सुरक्षा में "अभूतपूर्व योगदान" दिया है। उन्होंने कहा कि 'शक्ति' इंजन के लिए दूसरी मैन्युफैक्चरिंग लाइन का उद्घाटन और 2,000वें इंजन का हैंडओवर भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताओं को दर्शाता है। लाइट हेलीकॉप्टर के लिए नई प्रोडक्शन लाइन से हर साल 100 'शक्ति' इंजन बन सकेंगे, जबकि AL-31FP इंजन की प्रोडक्शन क्षमता को सालाना 30 से बढ़ाकर 50 यूनिट किया जा रहा है।
माझी ने कहा, "ओडिशा के लोगों के लिए यह गर्व और सम्मान की बात है कि HAL कोरापुट डिवीजन अभी 1,600 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम कर रहा है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से ओडिशा में BJP सरकार सत्ता में आई है, तब से लगभग 22.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 12.5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 152 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए ज़मीनी काम पूरा हो चुका है, जिनसे 2.5 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। माझी ने यह भी कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कटक के पास नारज में 870 एकड़ ज़मीन पर 'ओडिशा सिलिकॉन वैली' बनाई जा रही है, जबकि SiCSEM और 3DGS जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि ये पहल सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। सिंह ने कहा कि HAL कोरापुट फैसिलिटी, और पास के विशाखापत्तनम में मौजूद डिफेंस और नेवल इकोसिस्टम मिलकर पूर्वी भारत को एक नई इंडस्ट्रियल और स्ट्रैटेजिक पहचान दिला सकते हैं। सिंह ने कहा, "HAL, जो 1964 से फ्रंटलाइन एयरक्राफ्ट के लिए इंजन बना रहा है, उसने कोरापुट फैसिलिटी को सिर्फ़ एक फ़ैक्टरी के तौर पर नहीं, बल्कि एयरोस्पेस प्रोपल्शन इकोसिस्टम के एक हब के तौर पर सफलतापूर्वक विकसित किया है।"
उन्होंने कहा कि भारत के डिफेंस सेक्टर में ओडिशा की अहम जगह है और इसका महत्व लगातार बढ़ रहा है। डिफेंस मिनिस्टर ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी के लिए ओडिशा की पूर्वी तट पर लोकेशन, लंबी तटरेखा, बड़े बंदरगाह, मिनरल रिसोर्स, इंजीनियरिंग क्षमताएं, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल वर्कफोर्स को मुख्य फ़ायदों के तौर पर गिनाया। उन्होंने बालासोर ज़िले के चांदीपुर में मौजूद इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) का भी ज़िक्र किया, जो भारत की मिसाइल टेस्टिंग का एक बड़ा केंद्र है।
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