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अटल टनल रोहतांग पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, सुरक्षा के चलते वाहनों की आवाजाही पर रोक

मनाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बुधवार सुबह हिमाचल प्रदेश के रोहतांग स्थित अटल टनल पहुंचीं। हिमाचल दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने अटल टनल का निरीक्षण किया और सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारियों से टनल की संरचना, संचालन और रणनीतिक महत्व के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रपति 6 से 8 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं।
ठंडे मौसम को देखते हुए राष्ट्रपति लंबा ऊनी कोट पहनकर अटल टनल पहुंचीं। उन्होंने टनल के छोर पर कुछ देर रुककर आसपास के प्राकृतिक दृश्यों को देखा और तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस दौरान BRO के अधिकारियों ने उन्हें टनल से जुड़ी व्यवस्थाओं, यातायात संचालन और रखरखाव के बारे में जानकारी दी।
मनाली और आसपास की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी के कारण मौसम काफी ठंडा हो गया है। बुधवार सुबह मनाली में बारिश नहीं हो रही थी, लेकिन आसमान में बादल छाए रहे। बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क रहा।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मनाली, अटल टनल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रशासन ने यातायात को लेकर भी विशेष योजना लागू की। राष्ट्रपति की आवाजाही के दौरान अटल टनल की ओर जाने वाले वाहनों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया। जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति की यात्रा के मद्देनजर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यातायात संबंधी पाबंदियां पहले ही जारी कर दी थीं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंगलवार शाम से अटल टनल की ओर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। वहीं छोटे वाहनों को बुधवार सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक टनल की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। राष्ट्रपति के अटल टनल से वापस लौटने के बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य करने की योजना बनाई गई।
इन प्रतिबंधों का उद्देश्य राष्ट्रपति के काफिले की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और अटल टनल के आसपास अनावश्यक भीड़ को रोकना रहा। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित समय तक वैकल्पिक मार्गों और जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।
राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए मनाली और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। प्रशासन ने अटल टनल से लेकर मनाली शहर तक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी। करीब 600 पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना बनाई गई थी।
अटल टनल का दौरा राष्ट्रपति के हिमाचल प्रवास के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल रहा। इससे पहले उन्होंने 6 अक्टूबर को बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रथम दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया था। राष्ट्रपति भवन ने उनके हिमाचल दौरे की आधिकारिक पुष्टि की थी।
अटल टनल रोहतांग मनाली और लाहौल-स्पीति के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम है। टनल बनने के बाद रोहतांग दर्रे के कारण होने वाली मौसमी बाधाओं में कमी आई है और दोनों क्षेत्रों के बीच सालभर संपर्क आसान हुआ है। यह टनल सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
राष्ट्रपति ने BRO अधिकारियों से यह भी जाना कि खराब मौसम और बर्फबारी के दौरान टनल का संचालन किस प्रकार किया जाता है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां मौसम तेजी से बदलता है और भारी बर्फबारी के दौरान सड़क व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
इस बीच मनाली की पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह भी देखा गया। हालांकि राष्ट्रपति के दौरे के कारण बुधवार को अटल टनल की ओर पर्यटन गतिविधियां कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं।
प्रशासन ने पहले ही होटल संचालकों, टैक्सी चालकों और पर्यटकों को यातायात प्रतिबंधों के बारे में जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। लोगों से कहा गया कि वे राष्ट्रपति के दौरे के दौरान अनावश्यक रूप से अटल टनल की ओर न जाएं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बुधवार दोपहर बाद मनाली के प्रसिद्ध माता हिडिंबा मंदिर जाने का भी कार्यक्रम है। मंदिर क्षेत्र में भी सुरक्षा और यातायात को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनके मनाली प्रवास के दौरान अटल टनल और हिडिंबा देवी मंदिर दोनों प्रमुख पड़ाव हैं।
हिडिंबा मंदिर मनाली के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। राष्ट्रपति के मंदिर पहुंचने से पहले परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा जांच की गई और पुलिस बल तैनात किया गया।
मनाली में राष्ट्रपति की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा। खराब मौसम की स्थिति पैदा होने पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी भी की गई।
अटल टनल के आसपास वाहनों पर रोक के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों को कुछ समय के लिए असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध केवल सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से लगाए गए हैं।
राष्ट्रपति की यात्रा पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से यातायात खोलने की व्यवस्था की गई। पहले छोटे वाहनों और उसके बाद भारी वाहनों को अनुमति देने की योजना रही।
राष्ट्रपति का अटल टनल दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि पहले भी उनके यहां आने का कार्यक्रम बना था, लेकिन खराब मौसम के कारण यात्रा संभव नहीं हो सकी थी। अक्टूबर के हिमाचल दौरे में अटल टनल को फिर कार्यक्रम में शामिल किया गया।
बुधवार सुबह राष्ट्रपति के अटल टनल पहुंचने के साथ ही BRO और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने टनल की तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी राष्ट्रपति के सामने रखी।
फिलहाल मनाली और आसपास के क्षेत्रों में ठंड बढ़ी हुई है और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी है। बदलते मौसम के बीच राष्ट्रपति के दौरे के सभी कार्यक्रमों को सुरक्षा और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए संचालित किया जा रहा है।
अटल टनल का निरीक्षण पूरा करने के बाद राष्ट्रपति के मनाली लौटने और दोपहर बाद माता हिडिंबा मंदिर पहुंचने का कार्यक्रम है। राष्ट्रपति के लौटते ही अटल टनल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।





