
राउरकेला। इस्पात नगरी राउरकेला के लोगों के लिए हवाई संपर्क के मोर्चे पर राहत भरी खबर सामने आई है। राउरकेला से भुवनेश्वर और कोलकाता के लिए ATR-72 विमान सेवा अक्टूबर में दुर्गा पूजा के बाद फिर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। लंबे समय से इन दोनों महत्वपूर्ण शहरों के लिए नियमित और सुविधाजनक हवाई सेवा की मांग उठ रही थी। विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय स्तर पर लगातार उठती मांग के बाद राज्य सरकार ने इस दिशा में पहल तेज कर दी है।
बताया जा रहा है कि राज्य सरकार और संबंधित विमानन कंपनी के अधिकारियों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद विमान सेवा के संचालन से जुड़ा कार्यक्रम सामने आ सकता है। सेवा बहाल होने से राउरकेला और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भुवनेश्वर और कोलकाता तक पहुंचने के लिए एक बार फिर तेज और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।
दुर्गा पूजा के बाद सेवा शुरू करने की तैयारी
प्रस्तावित योजना के अनुसार अक्टूबर में दुर्गा पूजा समाप्त होने के बाद ATR-72 विमानों का संचालन शुरू किया जाएगा। हालांकि उड़ानों की अंतिम समय-सारिणी और संचालन से जुड़ी अन्य जानकारियां औपचारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होंगी।
राउरकेला के लोगों के लिए भुवनेश्वर और कोलकाता दोनों ही शहर महत्वपूर्ण हैं। भुवनेश्वर राज्य की राजधानी होने के कारण प्रशासनिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और व्यावसायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। वहीं कोलकाता पूर्वी भारत के सबसे बड़े महानगरों और कारोबारी केंद्रों में शामिल है।
ऐसे में दोनों शहरों के लिए सीधी विमान सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों के समय की बचत होगी और सड़क तथा रेल परिवहन पर निर्भरता कम करने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
राउरकेला से बेहतर हवाई संपर्क की मांग काफी समय से की जा रही थी। स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को उठाया। शहर के औद्योगिक महत्व और बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए नियमित हवाई संपर्क को जरूरी बताया जाता रहा है।
अब राज्य सरकार की पहल और विमानन कंपनी के साथ चल रही बातचीत के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। यदि निर्धारित योजना के अनुसार अक्टूबर में सेवा शुरू होती है तो त्योहारी सीजन के बाद यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
हवाई सेवा शुरू होने से केवल राउरकेला शहर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। वे राउरकेला एयरपोर्ट से सीधे भुवनेश्वर या कोलकाता पहुंच सकेंगे।
ATR-72 विमान से संचालन
प्रस्तावित रूट पर ATR-72 विमान के संचालन की तैयारी है। इस श्रेणी के विमान क्षेत्रीय हवाई मार्गों पर व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। छोटे और मध्यम दूरी के रूट के लिए इन विमानों को उपयोगी माना जाता है।
राउरकेला जैसे क्षेत्रीय हवाई अड्डे को बड़े शहरों से जोड़ने के लिए इस तरह की विमान सेवा स्थानीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नियमित उड़ान उपलब्ध होने पर व्यावसायिक यात्रियों, विद्यार्थियों, मरीजों और पर्यटकों सहित विभिन्न वर्गों को इसका लाभ मिलेगा।
कारोबार को भी मिल सकती है गति
राउरकेला देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है। इस्पात उद्योग के कारण यहां देश के विभिन्न हिस्सों से अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की आवाजाही रहती है। बेहतर हवाई संपर्क औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी फायदा पहुंचा सकता है।
भुवनेश्वर के साथ सीधा हवाई संपर्क होने से राजधानी तक पहुंचने में लगने वाला समय कम होगा। इसी तरह कोलकाता से कनेक्टिविटी राउरकेला के यात्रियों को पूर्वी भारत के एक बड़े कारोबारी और परिवहन केंद्र तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराएगी।
हवाई संपर्क बेहतर होने से निवेश और पर्यटन की संभावनाओं को भी मजबूती मिल सकती है। किसी औद्योगिक शहर के लिए नियमित विमान सेवा कारोबार करने में आसानी और आवागमन की सुविधा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
यात्रियों के समय की होगी बचत
राउरकेला से भुवनेश्वर और कोलकाता के बीच बड़ी संख्या में लोग रेल और सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। विमान सेवा शुरू होने पर ऐसे यात्रियों के पास कम समय में यात्रा पूरी करने का विकल्प होगा।
विशेष रूप से जरूरी काम से यात्रा करने वाले लोगों के लिए हवाई सेवा उपयोगी साबित हो सकती है। चिकित्सा, कारोबार, सरकारी कामकाज या दूसरी आपात जरूरतों में यात्रा का समय कम होना बड़ी राहत देता है।
इसके साथ यात्रियों को आगे की कनेक्टिंग उड़ानें लेने में भी सुविधा हो सकती है। भुवनेश्वर और कोलकाता दोनों बड़े हवाई नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। वहां से देश के अन्य प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं।
अंतिम चरण में बातचीत
फिलहाल राज्य सरकार और संबंधित विमानन कंपनी के अधिकारियों के बीच बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है। इसलिए यात्रियों की नजर अब उड़ान के औपचारिक कार्यक्रम, किराए, बुकिंग शुरू होने की तारीख और उड़ानों की फ्रीक्वेंसी से संबंधित घोषणा पर रहेगी।
नियमित विमान सेवा को सफल बनाए रखने के लिए पर्याप्त यात्री संख्या भी महत्वपूर्ण होगी। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से सेवा की मांग को देखते हुए शुरुआती दौर में यात्रियों से अच्छा समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी होगी मजबूत
राउरकेला की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होने से पश्चिमी हिस्से के लोगों को भी फायदा मिल सकता है। आसपास के कई क्षेत्रों के यात्री राउरकेला को नजदीकी हवाई विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
बेहतर हवाई संपर्क से औद्योगिक गतिविधियों के साथ पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को भी लाभ मिलने की संभावना है। राउरकेला और आसपास कई महत्वपूर्ण संस्थान तथा पर्यटन स्थल हैं, जहां दूसरे क्षेत्रों से लोगों का आवागमन होता है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राउरकेला से भुवनेश्वर और कोलकाता के लिए ATR-72 सेवा बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। अक्टूबर में दुर्गा पूजा के बाद उड़ान शुरू होने की योजना से शहरवासियों में उम्मीद बढ़ी है। अब औपचारिक समय-सारिणी और बुकिंग से जुड़ी घोषणा का इंतजार है।





