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ब्रह्मणी नदी में अचानक आई बाढ़, 300 स्कूली छात्र फंसे
बाढ़ में 300 स्कूली छात्र फंसे
केन्द्रापड़ा (ओडिशा)। ओडिशा के केन्द्रापड़ा जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पट्टामुंडई ब्लॉक स्थित कुलासही गांव के एक सरकारी आवासीय स्कूल परिसर में ब्राह्मणी नदी का बाढ़ का पानी अचानक घुस जाने से करीब 300 से 400 छात्र-छात्राएं परिसर के भीतर ही फंस गए हैं। रविवार को हुई इस अचानक जलभराव की घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं। अचानक बढ़ा ब्राह्मणी नदी का जलस्तरस्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ब्राह्मणी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। रविवार दोपहर के समय नदी का पानी तेजी से पेंथापाल पंचायत के निचले इलाकों में फैलने लगा। देखते ही देखते पानी ने कुलासही के दो मंजिला आवासीय स्कूल परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। स्कूल परिसर और आसपास की सड़कें जलमग्न होने के कारण छात्र बाहर नहीं निकल सके। छात्राओं को निकाला गया सुरक्षित, छात्र पहली मंजिल परयह सरकारी आवासीय स्कूल अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए संचालित होता है। इमारत दो मंजिला है: छात्राओं का रेस्क्यू: लगभग 150 छात्राएं भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर बने हॉस्टल में रह रही थीं।
पानी का स्तर बढ़ता देख पट्टामुंडई ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) शीतल अग्रवाल के नेतृत्व में मोटर चालित नौकाओं (Motorized Boats) की मदद से छात्राओं को औल (Aul) स्थित दूसरे आवासीय परिसर में स्थानांतरित करने का काम शुरू किया गया। छात्रों की स्थिति: लगभग 250 छात्र इमारत की पहली मंजिल पर मौजूद हैं। फिलहाल वे सुरक्षित हैं और प्रशासन लगातार उन पर नजर बनाए हुए है। यदि पानी का स्तर और अधिक बढ़ता है, तो उन्हें भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। मौसम विभाग की चेतावनी और जिले में बाढ़ के हालातओडिशा में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। केन्द्रापड़ा जिले में महज 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात बने हैं। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए भोजन, पेयजल और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था की है ताकि फंसे हुए बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन टीम अलर्ट मोड पर है।
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