ओडिशा

रेवेनशॉ यूनिवर्सिटी में विधायक और वार्डन के बीच विवाद, टीचर्स एसोसिएशन ने मांगी माफी

Kavita2
5 Aug 2026 3:51 PM IST
रेवेनशॉ यूनिवर्सिटी में विधायक और वार्डन के बीच विवाद, टीचर्स एसोसिएशन ने मांगी माफी
x

कटक। ओडिशा की प्रतिष्ठित रेवेनशॉ यूनिवर्सिटी में कटक सदर विधायक प्रकाश चंद्र सेठी और विश्वविद्यालय के चीफ वार्डन सुदर्शन मिश्रा के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। मामले को लेकर अब राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने विधायक से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है, जबकि विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर चीफ वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, विधायक प्रकाश चंद्र सेठी छात्रों की हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं को लेकर रेवेनशॉ यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। विधायक का कहना है कि वह छात्रों की शिकायतों और उनकी समस्याओं पर चर्चा करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय गए थे। इसी दौरान उनकी चीफ वार्डन सुदर्शन मिश्रा के साथ बहस हो गई।

विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं को लेकर बातचीत के दौरान चीफ वार्डन का व्यवहार उचित नहीं था। उन्होंने इस घटना को दुर्व्यवहार बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि के तौर पर वह छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए विश्वविद्यालय गए थे, लेकिन उनके साथ सही तरीके से व्यवहार नहीं किया गया।

सेठी ने अपने पत्र में विधानसभा अध्यक्ष से मामले का संज्ञान लेने और चीफ वार्डन के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए गए जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

वहीं, दूसरी ओर रेवेनशॉ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एसोसिएशन ने विधायक के रवैये पर आपत्ति जताते हुए उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान को बनाए रखना जरूरी है।

एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि किसी भी मुद्दे को बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के साथ इस तरह के विवाद से संस्थान की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने विधायक से अपने बयान और व्यवहार को लेकर स्पष्टीकरण देने की मांग की है।

इस विवाद के बाद विश्वविद्यालय परिसर और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर जहां विधायक का कहना है कि वह छात्रों की समस्याओं को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, वहीं शिक्षकों का पक्ष है कि संस्थान के अधिकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।

छात्रों से जुड़े हॉस्टल के मुद्दे इस विवाद के केंद्र में बताए जा रहे हैं। विधायक का कहना है कि छात्रों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करवाना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय का दौरा किया था।

वहीं, विश्वविद्यालय पक्ष की ओर से इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे सामने आए हैं, जिसके कारण विवाद और बढ़ गया है।

शिक्षाविदों का मानना है कि विश्वविद्यालयों में छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और समन्वय के माध्यम से किया जाना चाहिए। जनप्रतिनिधियों और संस्थान के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल से ही छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

मामले के राजनीतिक रूप लेने के बाद अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर है। विधायक की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र और टीचर्स एसोसिएशन की मांग के बाद यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

फिलहाल, प्रकाश चंद्र सेठी और रेवेनशॉ यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच चल रहा यह विवाद छात्रों के मुद्दों, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और संस्थागत मर्यादा को लेकर एक नई बहस खड़ी कर रहा है।

Next Story