ओडिशा

ओडिशा में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की मांग धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा पत्र

Ratna Netam
6 Oct 2026 5:48 PM IST
ओडिशा में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की मांग धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा पत्र
x
भुवनेश्वर। संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर पश्चिमी ओडिशा में तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने की मांग की है। प्रधान ने क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही औद्योगिक गतिविधियों, खनन, माल ढुलाई और यात्री यातायात का हवाला देते हुए सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत बताई है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में कहा कि पश्चिमी ओडिशा का औद्योगिक और आर्थिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों का दबाव भी काफी बढ़ गया है। खासकर भारी वाहनों, खनन से जुड़े ट्रकों, वाणिज्यिक वाहनों और यात्री परिवहन में वृद्धि के कारण कई मार्गों पर ट्रैफिक की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सड़क क्षमता बढ़ाना और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सांसद की प्रमुख मांगों में मौजूदा चार-लेन वाले संबलपुर-अंगुल-कटक राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर को छह-लेन में अपग्रेड करना शामिल है। प्रधान ने कहा कि यह कॉरिडोर पश्चिमी ओडिशा को राज्य के प्रमुख औद्योगिक, वाणिज्यिक और शहरी केंद्रों से जोड़ता है। इस मार्ग पर यात्री और माल परिवहन के साथ-साथ खनन एवं औद्योगिक ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है, जिससे मौजूदा चार-लेन व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि छह-लेन विस्तार के साथ हाईवे के दोनों ओर दो-लेन की सर्विस रोड भी बनाई जाए। उनका कहना है कि इससे स्थानीय वाहनों को मुख्य हाईवे पर आने की जरूरत कम होगी और कस्बों तथा गांवों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। सर्विस रोड बनने से मुख्य कॉरिडोर पर यातायात अधिक सुचारू हो सकता है और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को भी कम किया जा सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अंगुल-संबलपुर सेक्शन में सड़क सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को भी अपने पत्र में प्रमुखता से उठाया। NH-55 के इस हिस्से में खनन और वाणिज्यिक वाहनों की भारी आवाजाही होती है। इसके साथ ही स्थानीय ट्रैफिक और पैदल यात्रियों की आवाजाही भी इसी मार्ग से जुड़ी रहती है, जिससे कई स्थानों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
इस समस्या के समाधान के लिए चार स्थानों पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें जिंदल रोड, जरापड़ा, जेरंगा और चारमाल शामिल हैं। प्रधान ने इन अंडरपास को लंबे समय के सड़क सुरक्षा उपाय के रूप में मंजूरी देने की मांग की है। उनका मानना है कि इन संरचनाओं के निर्माण से स्थानीय लोगों और हाईवे ट्रैफिक के बीच सीधे टकराव की स्थिति कम होगी और सड़क पार करने वालों को सुरक्षित विकल्प मिलेगा।
प्रधान ने अपने पत्र में इस बात पर भी जोर दिया कि संबलपुर-अंगुल-कटक कॉरिडोर केवल स्थानीय यातायात के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह ओडिशा के अंदर माल परिवहन और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला का भी एक अहम हिस्सा है। ऐसे में हाईवे की क्षमता बढ़ाने का सीधा असर व्यापार, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय आर्थिक विकास पर पड़ेगा। छह-लेन व्यवस्था से लंबी दूरी के वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारू होने और यात्रा समय कम होने की उम्मीद है।
सांसद ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से इन प्रस्तावों पर प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी देने की अपील की है। उन्होंने गडकरी से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर तीनों परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है।
पश्चिमी ओडिशा में सड़क और रेल बुनियादी ढांचे को लेकर धर्मेंद्र प्रधान हाल के दिनों में लगातार सक्रिय रहे हैं। 30 सितंबर को उन्होंने सड़क, रेल और खनन से जुड़ी कई परियोजनाओं की समीक्षा बैठक भी की थी। इसमें संबलपुर रिंग रोड, बुरला बाइपास, हीराकुंड बाइपास, रेमेड़ा-हीराकुंड रोड और संबलपुर-झारसुगुड़ा सड़क विस्तार समेत कई परियोजनाओं पर चर्चा हुई थी।
संबलपुर और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों के साथ सड़क नेटवर्क पर बढ़ता दबाव लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। NH-55 पश्चिमी ओडिशा को अंगुल और कटक से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है और यात्री परिवहन के साथ-साथ जरूरी सामान तथा औद्योगिक माल की आवाजाही में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रधान ने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाओं से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि सड़क सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। अब इन प्रस्तावों पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के निर्णय का इंतजार है। प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ही छह-लेन विस्तार, सर्विस रोड और अंडरपास जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
Next Story