
ओडिशा: विजिलेंस ने मयूरभंज जिले के बेतानोटी में रूरल वर्क्स (R&B) सब-डिविजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरबिंद मोहंती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। ताजा कार्रवाई में विजिलेंस अधिकारियों ने बालेश्वर स्थित एक कॉन्ट्रैक्टर के घर से कथित तौर पर छिपाकर रखे गए 20 प्लॉट के जमीन संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, ये दस्तावेज मोहंती से जुड़े बताए जा रहे हैं और अब उनकी खरीद, स्वामित्व तथा वित्तीय स्रोतों की जांच की जा रही है।
विजिलेंस की जानकारी के मुताबिक, सोमवार को अरबिंद मोहंती से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। इस दौरान उनके आवास और अन्य संबंधित स्थानों से बड़ी संख्या में दस्तावेज, रिकॉर्ड और वित्तीय जानकारी बरामद की गई। जांच के दौरान एजेंसी को सूचना मिली कि कुछ अहम दस्तावेज एक कॉन्ट्रैक्टर के घर पर छिपाकर रखे गए हैं।
इसके बाद टीम ने बालेश्वर में संबंधित कॉन्ट्रैक्टर के घर की तलाशी ली। आरोप है कि छापेमारी की भनक लगने के बाद कुछ दस्तावेजों को जमीन में दबा दिया गया था। विजिलेंस अधिकारियों ने संदेह के आधार पर जमीन की खुदाई कराई, जिसके बाद वहां से 20 प्लॉट से जुड़े जमीन के कागजात बरामद हुए।
इन दस्तावेजों की बरामदगी को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमीन किसके नाम पर खरीदी गई थी, भुगतान किस माध्यम से हुआ और क्या इन संपत्तियों का वास्तविक लाभार्थी अरबिंद मोहंती थे।
जांच के दौरान एक लॉकर का भी पता चला है। विजिलेंस का आरोप है कि यह लॉकर कथित तौर पर उसी कॉन्ट्रैक्टर के नाम पर बेनामी तरीके से संचालित किया जा रहा था, जबकि उसमें रखी संपत्ति मोहंती से संबंधित थी।
लॉकर खोले जाने पर उसमें से 2.77 लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण बरामद किए गए। विजिलेंस ने नकदी और सोने को जब्त कर लिया है। अब सोने का वजन, बाजार मूल्य और उसकी खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
एजेंसी का कहना है कि सोमवार को मोहंती से संबंधित कुल 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। इन ठिकानों में उनके आवास, रिश्तेदारों या परिचितों से जुड़े स्थान और अन्य संभावित संपत्ति स्थल शामिल थे।
आय से अधिक संपत्ति के मामलों में विजिलेंस की जांच आमतौर पर संबंधित अधिकारी की कुल वैध आय और उसके नाम या नियंत्रण में मौजूद संपत्तियों की तुलना के आधार पर आगे बढ़ती है। यदि आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति पाई जाती है और उसका संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता, तो मामला गंभीर माना जाता है।
मोहंती पर भी आरोप है कि उनके पास उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस उनकी कुल परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है।
20 प्लॉट के दस्तावेज मिलने के बाद जांच का फोकस भूमि निवेश पर भी केंद्रित हो गया है। एजेंसी यह देख रही है कि ये प्लॉट कब खरीदे गए, किस नाम से रजिस्ट्री हुई और किस खाते से भुगतान किया गया।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या संपत्तियों की खरीद में किसी कॉन्ट्रैक्टर, रिश्तेदार या अन्य व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल बेनामी स्वामित्व के लिए किया गया। यदि ऐसा पाया जाता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
कॉन्ट्रैक्टर के घर से दस्तावेज मिलने के कारण विजिलेंस उसके वित्तीय और कारोबारी संबंधों की भी पड़ताल कर सकती है। यह देखा जाएगा कि संबंधित कॉन्ट्रैक्टर और मोहंती के बीच विभागीय या निजी स्तर पर किस तरह के संबंध थे।
रूरल वर्क्स विभाग से जुड़े एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर रहते हुए मोहंती के पास विभिन्न निर्माण और विकास परियोजनाओं से संबंधित जिम्मेदारियां थीं। ऐसे में विजिलेंस यह भी जांच सकती है कि क्या किसी ठेकेदार या निर्माण एजेंसी को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले आर्थिक फायदा लिया गया।
हालांकि इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है और मामले की जांच जारी है। विजिलेंस की ओर से अब तक बरामद दस्तावेज और संपत्तियां प्राथमिक जांच का हिस्सा हैं।
जमीन में दबाकर रखे गए दस्तावेज मिलने का दावा इस मामले को और गंभीर बनाता है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दस्तावेज कब और किसके निर्देश पर छिपाए गए थे।
इसके लिए कॉन्ट्रैक्टर और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और डिजिटल डेटा की भी जांच होने की संभावना है।
लॉकर से मिली नकदी और सोने के मामले में भी स्वामित्व की पुष्टि की जाएगी। यदि यह साबित होता है कि संपत्ति वास्तव में मोहंती की थी लेकिन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रखी गई थी, तो उनके खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
विजिलेंस विभाग ने इस मामले में पहले ही मोहंती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब नए दस्तावेज और बरामदगी सामने आने से जांच में और अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल अधिकारियों का पूरा ध्यान मोहंती की कुल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश, जमीन और अन्य परिसंपत्तियों का मिलान उनकी वैध आय से करने पर है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित आय से अधिक संपत्ति का वास्तविक अनुपात कितना है और इसमें अन्य लोगों की भूमिका क्या रही।





